अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- وَعَدْنَاهُ وَعْدًا حَسَنًا: हमने उसे अच्छा वादा दिया (यानी जन्नत का वादा)
- لَاقِيهِ: वह उसे पाने वाला है, उस तक पहुँचने वाला है
- مَتَّعْنَاهُ مَتَاعَ الْحَيَاةِ الدُّنْيَا: हमने उसे दुनिया की ज़िंदगी का सामान दिया (यानी दुनियावी सुख-सुविधाएँ दीं)
- مِنَ الْمُحْضَرِينَ: पेश किए जाने वालों में से (यानी हिसाब के लिए हाज़िर किए जाने वालों में से)
तफ़सीर:
अल्लाह तआला इस आयत में दो तरह के लोगों की तुलना कर रहे हैं, ताकि इंसान समझदारी से अपने लिए सही रास्ता चुन सके।
पहला इंसान वह है जिसे अल्लाह ने अपनी ओर से अच्छा वादा दिया है — यानी जन्नत का वादा, जो हमेशा रहने वाली नेमतों से भरी है। यह वादा सच्चा है और अल्लाह कभी अपना वादा नहीं तोड़ता। ऐसा इंसान जो अल्लाह की इबादत करता है, उसकी राह पर चलता है और उसकी रज़ा को अपना निशाना बनाता है — वह इस वादे को ज़रूर पाएगा। उसकी मेहनत रंग लाएगी और वह उस खूबसूरत अंजाम तक पहुँचेगा जो अल्लाह ने उसके लिए तैयार किया है।
दूसरा इंसान वह है जिसे अल्लाह ने दुनिया में खूब माल-दौलत, ठाठ-बाठ और सुख-सुविधाएँ दे रखी हैं। वह इन चीज़ों में मगन है, बस यहीं के लज़्ज़तों में डूबा हुआ है। उसे न अल्लाह की याद है, न आख़िरत की फ़िक्र। वह समझता है कि यही सब कुछ है। लेकिन यह सुख-सुविधाएँ कुछ दिनों की हैं — यह दुनिया की ज़िंदगी का माल है जो जल्द ही खत्म होने वाला है। और फिर क़यामत के दिन वह उन लोगों में से होगा जिन्हें हिसाब के लिए पेश किया जाएगा — और यह पेशी सिर्फ़ आम इंसानों की नहीं, बल्कि उनकी भी होगी जो दुनिया में सिर्फ़ अपनी ख्वाहिशों के पीछे भागे।
अल्लाह तआला सवालिया अंदाज़ में फ़रमा रहे हैं: क्या ये दोनों लोग एक जैसे हो सकते हैं? हरगिज़ नहीं! एक जन्नत की तरफ बढ़ रहा है और दूसरा जहन्नम की तरफ। एक का अंजाम हमेशा की खुशियाँ हैं और दूसरे का अंजाम हमेशा का अफ़सोस।
यह आयत हर इंसान के लिए एक बड़ी सीख है — कि दुनिया की चमक-दमक और अस्थायी सुखों के पीछे अंधा न हो जाओ। याद रखो, असली कामयाबी वह है जो अल्लाह की रज़ा में हो। अल्लाह का वादा सच्चा है, उसकी जन्नत हमेशा रहने वाली है। तो समझदार इंसान वही है जो इस फ़ानी दुनिया को आख़िरत की हमेशा वाली ज़िंदगी पर तरजीह न दे, बल्कि अपने रब की इबादत और उसकी राह पर चलकर उस वादे को हासिल करे जो कभी खत्म नहीं होगा।
याद रखिए — यह ज़िंदगी एक इम्तिहान है, और इस इम्तिहान में कामयाब वही होगा जो अल्लाह के वादे पर यक़ीन करे और उसके हुक्मों पर अमल करे। अल्लाह हम सबको सीधी राह दिखाए और हमें उन लोगों में शामिल करे जो उसके अच्छे वादे को पाने वाले हैं। आमीन।
📜 आयत 59-63 — अल-क़सस
अनुवाद — अल-क़सस 61
सूरा अल-क़सस आयत 61 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो क्या वह शख्स जिससे हमने (बेहश्त का) अच्छा वायदा…सूरा आयत 61/88 — अल-क़सस القصص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़सस सुनें, अल-क़सस अनुवाद, अल-क़सस mp3, अल-क़सस pdf. आयत 59–63. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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