Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُنَادِيهِمْ – उन्हें पुकारेगा
- أَيْنَ – कहाँ हैं
- شُرَكَائِي – मेरे साझीदार (जिन्हें तुम मेरा साझीदार मानते थे)
- تَزْعُمُونَ – तुम दावा करते थे / गुमान रखते थे
तफ़सीर:
और हे नबी! उस दिन को याद करो जब अल्लाह तआला मुशरिकों को पुकारेगा और उनसे पूछेगा: "कहाँ हैं मेरे वे साझीदार जिन्हें तुम दुनिया में मेरा साझीदार मानते थे और उनकी पूजा करते थे?" यह पुकार उस समय होगी जब हर आँख खुली होगी, हर राज़ खुला होगा, और हर झूठ बेनक़ाब हो चुका होगा।
यह प्रश्न केवल डाँट और फटकार के लिए होगा, क्योंकि अल्लाह को उनके ठिकाने का पूरा इल्म है। इसका उद्देश्य उन्हें उनके कुकर्मों की सज़ा से पहले शर्मिंदा करना और उनके झूठे दावों को बेनक़ाब करना है। जिन्हें वे दुनिया में अल्लाह का साझीदार कहते थे—चाहे वे मूर्तियाँ हों, पीर-औलिया हों, सितारे हों या फ़रिश्ते—उस दिन उनमें से कोई भी मौजूद नहीं होगा, न कोई उनकी मदद करेगा, न कोई उनकी सिफ़ारिश करेगा।
यह आयत हमें सिखाती है कि तौहीद (अल्लाह की एकता) ही सच्चा रास्ता है। जो लोग अल्लाह के सिवा किसी और को पूजते हैं या किसी और को उसका साझीदार बनाते हैं, वे क़ियामत के दिन बिल्कुल अकेले और बेसहारा होंगे। उनके माबूद उनसे बराअत (बेज़ारी) कर लेंगे और वे सख़्त नदामत और पछतावे में डूबे होंगे।
प्यारे भाइयो और बहनो! यह आयत हमें आज ही अपने ईमान की जाँच करने की तरग़ीब देती है। क्या हम सच में अल्लाह को ही अपना मालिक, मददगार और पूज्य मानते हैं? क्या हमारे दिलों में किसी और का खौफ़ या उम्मीद अल्लाह से बढ़कर है? याद रखिए, उस दिन कोई साझीदार नहीं होगा, कोई वसीला नहीं होगा, सिर्फ़ अल्लाह की रहमत और उसका फ़ैसला होगा। आइए, हम अपने जीवन को ख़ालिस तौहीद पर क़ायम करें, ताकि उस दिन हम उन लोगों में से न हों जिनसे यह सवाल पूछा जाएगा, बल्कि उन लोगों में से हों जिनके चेहरे रोशन होंगे और जिनका हिसाब आसान होगा। अल्लाह हम सबको सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 60-64 — सूरा अल-क़सस
अनुवाद — अल-क़सस 62
सूरा अल-क़सस आयत 62 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जिस दिन ख़ुदा उन कुफ्फ़ार को पुकारेगा और पूछेगा…सूरा आयत 62/88 — सूरा अल-क़सस القصص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-क़सस सुनें, सूरा अल-क़सस अनुवाद, सूरा अल-क़सस mp3, सूरा अल-क़सस pdf. आयत 60–64. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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