Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- قُتِلْتُمْ: तुम मारे गए (शहीद हुए)
- فِي سَبِيلِ اللَّهِ: अल्लाह के मार्ग में (जिहाद करते हुए)
- مُتُّمْ: तुम मर गए (स्वाभाविक मृत्यु)
- لَمَغْفِرَةٌ: अवश्य क्षमा है
- رَحْمَةٌ: दया (विशेष अनुग्रह)
- خَيْرٌ: बेहतर है
- مِمَّا يَجْمَعُونَ: उससे जो वे (लोग) इकट्ठा करते हैं (संसार का धन-दौलत)
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ ईमानवालों! यदि तुम अल्लाह के मार्ग में जिहाद करते हुए शहीद हो जाओ या उसी रास्ते में (बीमारी या किसी अन्य कारण से) अपनी स्वाभाविक मृत्यु मरो, तो निश्चित रूप से अल्लाह तुम्हारे गुनाहों को माफ कर देगा और अपनी विशेष दया और रहमत से तुम्हें नवाज़ेगा। यह क्षमा और दया, जो अल्लाह की ओर से मिलेगी, उस सारे धन-संपत्ति से कहीं बेहतर है जो दुनियावी लोग इकट्ठा करते हैं। दुनिया का माल-दौलत नश्वर है और उसका सुख क्षणिक है, जबकि अल्लाह की मग़फिरत और रहमत का फल हमेशा रहने वाला है। यह आयत मुसलमानों को यह सिखाती है कि अल्लाह की राह में अपनी जान कुर्बान करना या उसी रास्ते में मरना कोई नुकसान नहीं है, बल्कि यही सबसे बड़ी सफलता है।
फ़ायदे (उपदेश):
- अल्लाह के मार्ग में शहादत या मृत्यु कोई हानि नहीं, बल्कि यह ईमानवाले के लिए सम्मान और इज़्ज़त का कारण है।
- अल्लाह की क्षमा और दया दुनिया की हर चीज़ से बेहतर है — यह हमें सिखाता है कि हमें आख़िरत की भलाई को दुनिया के मोह पर तरजीह देनी चाहिए।
- यह आयत मुसलमानों को जिहाद और अल्लाह की राह में कुर्बानी के लिए प्रोत्साहित करती है, क्योंकि इसका इनाम अल्लाह के पास महान है।
- दुनिया का धन-दौलत और उसका संग्रह क्षणभंगुर है, जबकि अल्लाह की रहमत और मग़फिरत स्थायी और अनमोल है — इसलिए बुद्धिमान वही है जो अपनी ज़िंदगी अल्लाह की राह में लगाए।
📜 आयत 155-159 — सूरा आल-इमरान
अनुवाद — आल-इमरान 157
सूरा आल-इमरान आयत 157 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अगर तुम ख़ुदा की राह में मारे जाओ या…सूरा आयत 157/200 — सूरा आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा आल-इमरान सुनें, सूरा आल-इमरान अनुवाद, सूरा आल-इमरान mp3, सूरा आल-इमरान pdf. आयत 155–159. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा आल-इमरान
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


