Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- اصْطَفَاكِ: तुम्हें चुन लिया, विशेष रूप से चुन लिया।
- طَهَّرَكِ: तुम्हें पवित्र कर दिया, हर गंदगी और कमी से दूर कर दिया।
- نِسَاءِ الْعَالَمِينَ: संसार की सभी स्त्रियाँ (अपने ज़माने की)।
व्याख्या:
ऐ नबी! उस समय को याद करो जब फ़रिश्तों ने मरयम (अलैहिस्सलाम) से कहा: "ऐ मरयम! बेशक अल्लाह ने तुम्हें अपनी इबादत और अपनी ख़िदमत के लिए चुन लिया है, और तुम्हें हर बुराई, हर गुनाह और हर उस चीज़ से पाक कर दिया है जो इंसान को अल्लाह से दूर करती है। उसने तुम्हें अपने ज़माने की सारी दुनिया की स्त्रियों पर फ़ज़ीलत दी है और तुम्हें सबसे ऊँचा मर्तबा अता किया है।"
यह चुनाव और पवित्रता अल्लाह की तरफ़ से थी, जो उसकी रहमत और क़ुदरत का नतीजा थी। मरयम (अलैहिस्सलाम) को यह शरफ़ हासिल हुआ कि वह बग़ैर पति के ईसा (अलैहिस्सलाम) की माँ बनीं, और यह अल्लाह का एक बड़ा मोजिज़ा था। यहाँ "दुनिया की स्त्रियों पर फ़ज़ीलत" से मुराद उनके ज़माने की स्त्रियाँ हैं, क्योंकि हर ज़माने में अल्लाह की पाकबाज़ बंदियों को अपने ज़माने के हिसाब से फ़ज़ीलत दी जाती है। हज़रत आइशा (रज़ियल्लाहु अन्हा) और दूसरी उम्मत की पाक दामन औरतों को भी अपने-अपने ज़माने में यह मर्तबा हासिल है।
फ़ायदे और सबक़:
- अल्लाह जिसे चाहता है अपनी रहमत से नवाज़ता है और उसे ख़ास बना लेता है। यह चुनाव अल्लाह की तरफ़ से होता है, किसी इंसान की तरफ़ से नहीं।
- पवित्रता और पाकीज़गी अल्लाह की बड़ी नेमत है। इंसान को चाहिए कि वह अपने दिल, अपने अमल और अपनी ज़िंदगी को पाक रखे, क्योंकि अल्लाह पाक लोगों से मुहब्बत करता है।
- औरतों का इस्लाम में बहुत बड़ा मर्तबा है। मरयम (अलैहिस्सलाम) की फ़ज़ीलत से साबित होता है कि अल्लाह के नज़दीक सच्ची इबादत और पाकीज़गी ही असली बड़ाई का ज़रिया है, चाहे वह मर्द हो या औरत।
- जब अल्लाह किसी को कोई ज़िम्मेदारी देता है, तो उसे ताक़त और तैयारी भी देता है। मरयम (अलैहिस्सलाम) को अल्लाह ने चुना और उन्हें हर मुश्किल में सहारा दिया।
- यह आयत हमें सिखाती है कि हमें अपने अंदर अच्छे अख़लाक़ और पाकीज़गी पैदा करनी चाहिए, ताकि हम अल्लाह की नज़र में पसंदीदा बन सकें।
📜 आयत 40-44 — सूरा आल-इमरान
अनुवाद — आल-इमरान 42
सूरा आल-इमरान आयत 42 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और वह वाक़िया भी याद करो जब फ़रिश्तों ने मरियम…सूरा आयत 42/200 — सूरा आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा आल-इमरान सुनें, सूरा आल-इमरान अनुवाद, सूरा आल-इमरान mp3, सूरा आल-इमरान pdf. आयत 40–44. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा आल-इमरान
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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