Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَكَرُوا: उन्होंने चाल चली, अर्थात अपने बुरे इरादे को छिपाकर कोई योजना बनाई।
- مَكَرَ اللهُ: अल्लाह ने भी उनकी चाल का जवाब दिया, अर्थात उनकी चाल को निष्फल कर दिया।
- خَيْرُ الْمَاكِرِينَ: सबसे बेहतरीन चाल चलने वाला, अर्थात जिसकी चाल सबसे मजबूत और सबसे प्रभावी हो।
तफसीर (व्याख्या):
जब हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) ने बनी इसराइल के काफिरों के चेहरे पर कुफ्र और विद्रोह के निशान देखे, तो उन्होंने उनसे बचने की कोशिश की। उन काफिरों ने आपस में साजिश रची कि हज़रत ईसा को किसी तरह पकड़कर कत्ल कर दिया जाए। उन्होंने एक आदमी को उनके पास भेजा ताकि वह उन्हें पकड़वा सके। लेकिन अल्लाह ने उनकी इस चाल को नाकाम कर दिया। उस आदमी पर हज़रत ईसा की शक्ल डाल दी गई, और काफिरों ने उसी आदमी को पकड़कर सूली पर चढ़ा दिया, जबकि अल्लाह ने हज़रत ईसा को आसमान की तरफ उठा लिया। इस तरह अल्लाह ने उनकी साजिश को उन्हीं पर उलट दिया। अल्लाह सबसे बेहतरीन चाल चलने वाला है, क्योंकि उसकी चाल न्याय और हिकमत पर आधारित होती है, और वह अपने दुश्मनों को उनकी साजिश का बदला देता है। यहाँ अल्लाह के लिए "मक्र" (चाल) का शब्द उसके जलाल और कमाल के अनुसार है, जो सिर्फ उन लोगों के मुकाबले में है जो खुद चालें चलते हैं।
फ़ायदे (सबक):
- अल्लाह की ताकत और हिकमत असीम है। वह अपने नेक बंदों की हिफाज़त उन तरीकों से करता है जिनका अंदाज़ा इंसान नहीं लगा सकता।
- ज़ालिमों की साजिशें चाहे कितनी भी मजबूत क्यों न हों, अल्लाह के सामने बेकार हैं। वह उन्हें उनकी चाल का बदला देकर उन्हें रुसवा करता है।
- अल्लाह पर भरोसा रखने वालों को कभी निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि अल्लाह हर मुश्किल से निकलने का रास्ता निकालता है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि बुराई का जवाब अल्लाह पर छोड़ देना चाहिए, और हमें खुद ज़ुल्म और साजिशों से बचना चाहिए।
- अल्लाह की सिफ़ात (गुण) उसके जलाल और कमाल के अनुसार हैं, और हमें उन्हें उसी तरह मानना चाहिए जैसे वह खुद बयान करता है, बिना किसी तशबीह (समानता) के।
📜 आयत 52-56 — सूरा आल-इमरान
अनुवाद — आल-इमरान 54
सूरा आल-इमरान आयत 54 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ख़ुदा की बारगाह में अर्ज़ की कि ऐ हमारे…सूरा आयत 54/200 — सूरा आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा आल-इमरान सुनें, सूरा आल-इमरान अनुवाद, सूरा आल-इमरान mp3, सूरा आल-इमरान pdf. आयत 52–56. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा आल-इमरान
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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