Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَعْذِرَتُهُمْ (मअज़िरतुहुम): उनके बहाने, सफ़ाई या माफ़ी के लिए पेश किए जाने वाले तर्क।
- يُسْتَعْتَبُونَ (युस्तअतबून): उनसे यह नहीं कहा जाएगा कि वे (तौबा करके) अपने रब को राज़ी करें; यानी उन्हें दोबारा मौका नहीं दिया जाएगा।
तफ़सीर (व्याख्या):
जिस दिन अल्लाह तआला सभी प्राणियों को हिसाब और जज़ा (बदला) के लिए उठाएगा, उस दिन ज़ालिमों (अत्याचारियों) के बहाने और सफ़ाई बिल्कुल काम नहीं आएंगे। वे चाहे कितने भी तर्क गढ़ लें या कितनी भी माफ़ी माँग लें, उनकी कोई बात स्वीकार नहीं की जाएगी। न ही उनसे यह कहा जाएगा कि वे तौबा करके अपने रब की रज़ा हासिल करें, क्योंकि तौबा और इस्तिग़फ़ार का दरवाज़ा दुनिया में खुला था, जबकि उन्होंने उसे ठुकरा दिया। अब वह मौका हमेशा के लिए खत्म हो चुका है। उस दिन उन्हें उनके बुरे कर्मों और गुनाहों की सज़ा दी जाएगी, और वे किसी भी तरह अपने आपको बचा नहीं पाएँगे।
दावती पहलू (नसीहत):
यह आयत हमें बड़ी सख्त लेकिन अहम हक़ीक़त की याद दिलाती है कि अल्लाह की रहमत और माफ़ी का दरवाज़ा अभी खुला है। आज हमारे पास वह मौका है जो क़यामत के दिन किसी को नहीं मिलेगा। आज हम ज़ुल्म (चाहे वह अल्लाह के हुक्म की उल्लंघना हो या इंसानों के साथ नाइंसाफ़ी) छोड़कर तौबा कर लें, तो अल्लाह हमें माफ़ कर देगा। लेकिन अगर हमने यह मौका गँवा दिया, तो उस दिन पछतावे और बहानों का कोई फ़ायदा नहीं होगा। इसलिए आज ही अपने रब की तरफ़ लौटें, अपनी गलतियों से तौबा करें और अपने जीवन को अल्लाह की रज़ा के अनुसार ढालें। यही सबसे बड़ी कामयाबी है।
📜 आयत 55-59 — सूरा अर-रूम
अनुवाद — अर-रूम 57
सूरा अर-रूम आयत 57 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो उस दिन सरकश लोगों को न उनकी उज्र माअज़ेरत…सूरा आयत 57/60 — सूरा अर-रूम الروم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अर-रूम सुनें, सूरा अर-रूम अनुवाद, सूरा अर-रूम mp3, सूरा अर-रूम pdf. आयत 55–59. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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