Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- نُمَتِّعُهُمْ (हम उन्हें आनंद देते हैं) — यानी हम उन्हें दुनिया में सुख-सुविधाएँ और मनचाही चीज़ें देते हैं।
- قَلِيلًا (थोड़ा) — यानी बहुत कम समय के लिए, जो इस दुनिया की ज़िंदगी है।
- نَضْطَرُّهُمْ (हम उन्हें मजबूर करके ले जाएँगे) — यानी उन्हें बेबस और लाचार करके खींचते हुए ले जाएँगे।
- عَذَابٍ غَلِيظٍ (सख्त और भारी अज़ाब) — यानी बहुत ही कठोर, दर्दनाक और सख्त सज़ा, जो जहन्नम की आग है।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में उन लोगों के हाल का ज़िक्र कर रहे हैं जो उनकी नेमतों से इनकार करते हैं, उनके रसूलों को झुठलाते हैं और सच्चाई से मुँह मोड़ते हैं। अल्लाह फ़रमाता है कि हम उन्हें इस दुनिया में थोड़े दिनों के लिए सुख-सुविधाएँ और आराम देते हैं। वे खाते-पीते हैं, मौज-मस्ती करते हैं, दौलत और औलाद में इतराते हैं, लेकिन यह सब कुछ बहुत ही कम और फ़ानी है — कुछ दिनों की ज़िंदगी, जो एक पल की तरह गुज़र जाती है।
फिर जब यह मुहलत खत्म होगी और क़यामत का दिन आएगा, तो हम उन्हें बेबस और लाचार करके, उनकी मर्ज़ी के खिलाफ़, उस सख्त और भारी अज़ाब की तरफ़ खींच ले जाएँगे — यानी जहन्नम की आग, जिसका दर्द और सख्ती किसी को मालूम नहीं। वहाँ न कोई उनकी मदद करेगा, न कोई उन्हें बचाने वाला होगा। वे जिस सुख में मग्न थे, वह सब खत्म हो जाएगा और उसकी जगह सिर्फ़ पछतावा, रोना-धोना और सख्त अज़ाब होगा।
यह आयत हमारे लिए बहुत बड़ी नसीहत है। यह हमें बताती है कि दुनिया की ज़िंदगी और उसके सुख-आराम कितने थोड़े और बेहद कम हैं। जो लोग सिर्फ़ दुनिया के लिए जीते हैं, वे असल में उस चीज़ को खो देते हैं जो कभी खत्म नहीं होती — यानी आख़िरत की कामयाबी। अल्लाह ने हम पर बड़ा एहसान किया है कि हमें यह दुनिया इम्तिहान के लिए दी है, और हमें रसूलों और किताबों के ज़रिए सही रास्ता दिखाया है। अगर हम इस रास्ते पर चलें, तो हम उस सख्त अज़ाब से बच सकते हैं और उस हमेशा की ज़िंदगी को पा सकते हैं जिसमें कोई दर्द नहीं, सिर्फ़ खुशी और रहमत है।
तो आओ, हम इस दुनिया के झूठे सुखों में न खो जाएँ, बल्कि अपने रब की इबादत करें, उसके हुक्मों पर चलें और उस दिन के लिए तैयारी करें जब हर इंसान को अपने अमल का बदला मिलेगा। अल्लाह हमें सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 22-26 — सूरा लुकमान
अनुवाद — लुकमान 24
सूरा लुकमान आयत 24 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : हम उन्हें चन्द रोज़ों तक चैन करने देगें फिर उन्हें…सूरा आयत 24/34 — सूरा लुकमान لقمان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा लुकमान सुनें, सूरा लुकमान अनुवाद, सूरा लुकमान mp3, सूरा लुकमान pdf. आयत 22–26. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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