Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- خَلَقَ – पैदा किया, बनाया
- السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ – आसमान और ज़मीन
- الْحَمْدُ لِلَّهِ – सारी प्रशंसा अल्लाह के लिए है
- لَا يَعْلَمُونَ – वे जानते नहीं
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! अगर आप इन मुशरिकों से पूछें कि आसमानों और ज़मीन को किसने पैदा किया है, तो वे बिना किसी हिचकिचाहट के कहेंगे: "अल्लाह ने।" यह बात वे इसलिए कहते हैं क्योंकि यह सत्य उनके लिए इतना स्पष्ट और प्रत्यक्ष है कि वे इसे झुठला ही नहीं सकते। आकाश की ऊँचाई, पृथ्वी की विशालता, सितारों की चमक, और इस कायनात का अद्भुत निज़ाम — यह सब किसी और की ओर निस्बत करना उनके लिए असंभव है। इसलिए जब वे यह स्वीकार कर लेते हैं कि सृष्टि का रचयिता अल्लाह ही है, तो आप उनसे कहें: "सारी प्रशंसा अल्लाह के लिए है!" यानी यह अल्लाह का ही कृपा है कि उसने उन्हें अपनी ज़बान से भी सत्य स्वीकार करने पर मजबूर कर दिया, और उनके अपने कहे हुए शब्द ही उनके खिलाफ गवाह बन गए।
लेकिन अफसोस! उनमें से अधिकतर लोग इस तर्क और सबूत को समझते नहीं। वे केवल ज़बान से अल्लाह को ख़ालिक़ मानते हैं, पर उनके दिल और दिमाग़ इससे ग़ाफ़िल हैं। अगर वे सच में जानते कि सृष्टि का रचयिता अल्लाह है, तो वे उसकी इबादत किसी और को न करते, और उसकी नेमतों का शुक्र अदा करते। उनकी नासमझी ही उन्हें शिर्क की ओर ले गई है।
यह आयत हमें सिखाती है कि हर इंसान की फ़ितरत (स्वभाव) में अल्लाह की पहचान मौजूद है। जब भी कोई व्यक्ति इस कायनात पर ग़ौर करता है, तो उसका दिल बेसाख़्ता कह उठता है कि इसका बनाने वाला कोई एक ही है। यही वह फ़ितरत है जो हर इंसान को सच्चाई की ओर बुलाती है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी इस फ़ितरत को ज़िंदा रखें, अल्लाह की नेमतों पर शुक्र करें, और उसकी इबादत में किसी को शरीक न करें। जब हम अल्लाह के एहसानों को याद करते हैं और उसकी तारीफ़ करते हैं, तो हमारा दिल सुकून पाता है और हमारा ईमान मज़बूत होता है। अल्लाह हमें सच्चे दिल से उसकी हम्द और शुक्र करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 23-27 — सूरा लुकमान
अनुवाद — लुकमान 25
सूरा लुकमान आयत 25 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) तुम अगर उनसे पूछो कि सारे आसमान…सूरा आयत 25/34 — सूरा लुकमान لقمان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा लुकमान सुनें, सूरा लुकमान अनुवाद, सूरा लुकमान mp3, सूरा लुकमान pdf. आयत 23–27. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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