अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَلَا يَحْزُنكَ – आपको दुखी न करे
- مَرْجِعُهُمْ – उनका लौटना (हमारी ओर)
- فَنُنَبِّئُهُم – तो हम उन्हें बताएँगे
- بِذَاتِ الصُّدُورِ – जो कुछ सीनों में है (दिलों के भेद)
तफसीर:
ऐ नबी! जो लोग कुफ्र करते हैं, उनका कुफ्र आपको रंजीदा न करे और न ही आप उनके हाल पर अफसोस करें। क्योंकि आपने अपना फर्ज़ अदा कर दिया है – दावत और पैग़ाम पहुँचा दिया। हिदायत देना आपके हाथ में नहीं, बल्कि यह अल्लाह के हाथ में है। ये लोग जो इनकार कर रहे हैं, इनका अंजाम आपके लिए मायूसी का सबब नहीं होना चाहिए, क्योंकि इनका कुफ्र आपको कोई नुकसान नहीं पहुँचा सकता।
उनका असली ठिकाना और लौटना हमारी ही ओर है – यानी क़यामत के दिन सबको हमारे सामने हाज़िर होना है। उस दिन हम उन्हें उनके सारे आमाल से बाख़बर करेंगे – जो उन्होंने दुनिया में किए, अच्छे हों या बुरे। हम उन्हें बताएँगे कि उन्होंने क्या-क्या किया, और फिर उन्हें उसका पूरा-पूरा बदला देंगे। जिन लोगों ने दुनिया में अल्लाह का इनकार किया और शैतान की इताअत को अपनाया, उनकी सज़ा अल्लाह के हाथ में है।
अल्लाह तआला हर उस चीज़ को जानता है जो दिलों में छिपी है – चाहे वो कुफ्र हो, निफाक़ हो, या कोई और बुराई। उससे कोई भी भेद छिपा नहीं है। वह जानता है कि किसके दिल में सच्चा ईमान है और किसके दिल में झूठ और इनकार। और वह हर किसी को उसके इरादों और नीयत के मुताबिक़ बदला देगा।
दावती पहलू:
यह आयत दावत देने वालों के लिए बड़ी तसल्ली है। अल्लाह अपने नबी को समझा रहा है कि हिदायत तो अल्लाह के हाथ में है, आपका काम सिर्फ पैग़ाम पहुँचाना है। यही हाल आज दावत देने वाले हर मुसलमान का है। अगर कोई बात न माने, तो हमें मायूस नहीं होना चाहिए। हमारा काम बताना है, फैसला अल्लाह करेगा। और यह भी याद रखें कि अल्लाह के इल्म से कोई चीज़ बाहर नहीं है – वह जानता है कि किसका दिल सच्चाई की तलाश में है और किसका दिल जिद और हठ पर अड़ा है। इसलिए हमें सब्र और हिम्मत के साथ अपना काम करते रहना चाहिए, और अंजाम अल्लाह पर छोड़ देना चाहिए। यही ईमान की निशानी है कि इंसान अपनी ज़िम्मेदारी निभाए और नतीजे की चिंता न करे।
📜 आयत 21-25 — लुकमान
अनुवाद — लुकमान 23
सूरा लुकमान आयत 23 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) जो काफिर बन बैठे तो तुम उसके…सूरा आयत 23/34 — लुकमान لقمان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: लुकमान सुनें, लुकमान अनुवाद, लुकमान mp3, लुकमान pdf. आयत 21–25. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








