Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
(क़ुल) कह दीजिए, “तुम्हें मौत का फ़रिश्ता (मलकुल मौत) वफ़ात देता है जो तुम पर मुक़र्रर किया गया है, फिर तुम अपने रब की तरफ़ लौटाए जाओगे।”
शब्दों के अर्थ:
- يَتَوَفَّاكُم (यतवफ़्फ़ाकुम): तुम्हारी रूहें क़ब्ज़ करता है, यानी तुम्हें मौत देता है।
- مَّلَكُ الْمَوْتِ (मलकुल मौत): मौत का फ़रिश्ता, जिसे अज़राईल के नाम से भी जाना जाता है।
- وُكِّلَ بِكُمْ (वुक्किला बिकुम): तुम पर मुक़र्रर किया गया है, यानी उसे तुम्हारी रूहें क़ब्ज़ करने का ज़िम्मा दिया गया है।
- تُرْجَعُونَ (तुरजऊन): लौटाए जाओगे, वापस किए जाओगे।
तफ़सीर:
ऐ नबी! आप इन मुशरिकों से कह दीजिए जो मौत के बाद दोबारा जी उठने का इनकार करते हैं — “तुम्हें मौत का फ़रिश्ता वफ़ात देता है, जो तुम्हारी रूहें क़ब्ज़ करने पर मुक़र्रर है। जब तुम्हारी अजल (मौत का वक़्त) पूरी हो जाती है, तो वह तुम्हारी रूह क़ब्ज़ कर लेता है, और इसमें एक लम्हे की भी देर या तेज़ी नहीं होती। फिर तुम सब अपने रब की तरफ़ लौटाए जाओगे — यानी मरने के बाद क़यामत के दिन तुम दोबारा ज़िंदा किए जाओगे और अपने अमलों का हिसाब दोगे। अगर तुम्हारे अमल अच्छे होंगे तो अच्छा बदला मिलेगा, और अगर बुरे होंगे तो बुरा अंजाम भुगतना होगा।”
यह आयत हमें याद दिलाती है कि मौत कोई इत्तेफ़ाक़ या हादसा नहीं है, बल्कि यह अल्लाह तआला के मुक़र्रर किए हुए फ़रिश्ते के ज़रिए एक नियत और मुक़म्मल इंतज़ाम है। हर इंसान की रूह एक मुक़र्रर वक़्त पर क़ब्ज़ की जाती है, और यह सिलसिला क़यामत तक जारी रहेगा। इसके बाद सबको अपने रब की तरफ़ पलटना है — यही हमारा आख़िरी पड़ाव है। जिसे यह यक़ीन हो जाए कि उसे अपने रब के सामने हाज़िर होना है और अपने हर अमल का हिसाब देना है, वह कभी ग़ाफ़िल नहीं रह सकता, और न ही वह अल्लाह की नाफ़रमानी में मशरूफ़ रह सकता है। यह आयत हमें मौत की तैयारी की तरग़ीब देती है — कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ गुज़ारें, ताकि जब हम अपने रब की तरफ़ लौटें तो हमारा इस्तक़बाल रहमत और मग़फ़िरत से हो। याद रखिए, मौत की कोई मोहलत नहीं है, और हर साँस हमें उस मुलाक़ात के क़रीब ले जा रही है।
📜 आयत 9-13 — सूरा अस-सजदा
अनुवाद — अस-सजदा 11
सूरा अस-सजदा आयत 11 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम कह दो कि मल्कुलमौत जो तुम्हारे ऊपर…सूरा आयत 11/30 — सूरा अस-सजदा السجدة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अस-सजदा सुनें, सूरा अस-सजदा अनुवाद, सूरा अस-सजदा mp3, सूरा अस-सजदा pdf. आयत 9–13. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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