Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- आतिहिम (آتِهِمْ): उन्हें दे दे
- दिअफ़ैन (ضِعْفَيْنِ): दोगुना, दो गुना अज़ाब
- अल-अज़ाब (الْعَذَابِ): यातना, दंड
- वल्अनहुम (وَالْعَنْهُمْ): और उन्हें लानत दे, अपनी रहमत से दूर कर दे
- लअनन कबीरन (لَعْنًا كَبِيرًا): बहुत बड़ी लानत, अत्यधिक फटकार
तफ़सीर (व्याख्या):
क़यामत के दिन जब काफ़िर और गुनाहगार लोग अपने अंजाम को देखेंगे, तो वे अपने उन रहनुमाओं और बड़ों को कोसेंगे जिन्होंने उन्हें गुमराह किया। वे अल्लाह से फ़रियाद करेंगे और कहेंगे: "ऐ हमारे रब! हमने अपने सरदारों और बड़े लोगों की बात मानी, उन्होंने हमें सीधे रास्ते से भटका दिया और हमें तेरी इबादत से दूर कर दिया।"
फिर वे दुआ करेंगे: "ऐ हमारे पालनहार! इन गुमराह करने वालों को दोगुना अज़ाब दे — एक अज़ाब उनके कुफ़्र और गुनाह का, और दूसरा अज़ाब इसलिए कि उन्होंने हमें भी गुमराह किया। और उन्हें अपनी रहमत से पूरी तरह महरूम कर दे, उन पर ऐसी लानत भेज जो हमेशा के लिए हो और जिसका कोई अंत न हो।"
यह आयत हमें एक बहुत बड़ी सीख देती है कि अल्लाह और उसके रसूल ﷺ की नाफ़रमानी में किसी की भी बात मानना — चाहे वह बड़ा हो, सरदार हो, या रहनुमा — इंसान को हलाकत की तरफ ले जाता है। जो लोग दूसरों को गुमराह करते हैं और जो उनकी बात मानकर गुमराह होते हैं, दोनों अज़ाब में शरीक होंगे, लेकिन गुमराह करने वालों का अज़ाब दोगुना होगा।
इस आयत से हमें यह भी सबक मिलता है कि हमें अपने जीवन में सिर्फ़ अल्लाह और उसके रसूल ﷺ की इताअत (आज्ञा) को सबसे ऊपर रखना चाहिए। किसी भी इंसान की बात, चाहे वह कितना भी बड़ा क्यों न हो, अगर वह क़ुरआन और सुन्नत के खिलाफ़ है, तो उसे क़बूल नहीं करना चाहिए। याद रखिए! क़यामत के दिन कोई किसी की सिफ़ारिश नहीं कर सकेगा, और हर इंसान अपने अमल का हिसाब खुद देगा।
अल्लाह हमें सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ दे और हमें गुमराह करने वालों की सोहबत से बचाए। आमीन।
📜 आयत 66-70 — सूरा अल-अहज़ाब
अनुवाद — अल-अहज़ाब 68
सूरा अल-अहज़ाब आयत 68 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : परवरदिगारा (हम पर तो अज़ाब सही है मगर) उन लोगों…सूरा आयत 68/73 — सूरा अल-अहज़ाब الأحزاب (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अहज़ाब सुनें, सूरा अल-अहज़ाब अनुवाद, सूरा अल-अहज़ाब mp3, सूरा अल-अहज़ाब pdf. आयत 66–70. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अहज़ाब
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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