Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- اتَّقُوا الله: अल्लाह से डरो, उसकी आज्ञाओं का पालन करो और उसकी मनाही से बचो।
- قَوْلًا سَدِيدًا: सीधी, सच्ची, सही और ठोस बात जो सत्य पर आधारित हो, जिसमें कोई झूठ, धोखा या बुराई न हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ ईमान लाने वालों! तुम अल्लाह से डरो और उसकी ताक़त का एहतराम करो। तक़वा यानी अल्लाह का डर ही वह चीज़ है जो इंसान को हर बुराई से रोकती है और उसे अच्छाई की राह पर चलाती है। जब दिल में अल्लाह का डर होता है, तो ज़ुबान भी सँभल जाती है और इंसान हर मामले में सीधी और सच्ची बात कहता है।
अल्लाह तआला तुम्हें हुक्म देता है कि अपनी ज़िंदगी के हर मामले में — बातचीत में, मामलात में, रिश्तों में, कारोबार में — हमेशा सच्ची, साफ़ और सीधी बात बोलो। ऐसी बात जो सच्चाई पर आधारित हो, जिसमें कोई मिलावट न हो, कोई धोखा न हो, कोई चापलूसी न हो और न ही कोई झूठ। सीधी बात वह है जो हक़ और इंसाफ़ पर हो, जो सामने वाले को नुक़सान न पहुँचाए और जो अल्लाह को पसंद हो।
याद रखो कि ज़ुबान इंसान के अंगों में सबसे अहम है। जो बात दिल में होती है, वही ज़ुबान पर आती है। अगर दिल साफ़ होगा तो ज़ुबान भी साफ़ होगी। और अगर ज़ुबान सच्ची होगी, तो अल्लाह उसके बदले में इंसान को दुनिया और आख़िरत दोनों में इज़्ज़त देगा। सच्ची बात इंसान को जन्नत की राह दिखाती है, और झूठी बात जहन्नम की तरफ ले जाती है।
इस आयत में अल्लाह ने तक़वा और सच्ची बात को एक साथ जोड़ा है, क्योंकि दोनों का आपस में गहरा ताल्लुक़ है। जो इंसान अल्लाह से डरता है, वह झूठ नहीं बोल सकता। और जो सच बोलता है, उसके दिल में अल्लाह का डर पैदा हो जाता है। यही वह रास्ता है जो इंसान को कामयाबी की मंज़िल तक पहुँचाता है।
प्यारे भाइयो और बहनों! आज की दुनिया में जहाँ झूठ, धोखा और फरेब आम हो गया है, वहाँ अल्लाह हमें सिखाता है कि सच्चाई और सीधी बात ही वह रास्ता है जो हमें दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब करेगा। जब हम सच बोलेंगे, तो लोग हम पर भरोसा करेंगे, हमारे रिश्ते मज़बूत होंगे, हमारा समाज सुधरेगा और अल्लाह की रहमत हम पर नाज़िल होगी। याद रखें, सच्ची बात कभी-कभी भले ही कड़वी लगे, लेकिन उसका अंजाम हमेशा मीठा होता है। अल्लाह से डरो और हमेशा सीधी बात बोलो — यही आज की आयत का पैग़ाम है।
📜 आयत 68-72 — सूरा अल-अहज़ाब
अनुवाद — अल-अहज़ाब 70
सूरा अल-अहज़ाब आयत 70 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ ईमानवालों खुदा से डरते रहो और (जब कहो तो)…सूरा आयत 70/73 — सूरा अल-अहज़ाब الأحزاب (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अहज़ाब सुनें, सूरा अल-अहज़ाब अनुवाद, सूरा अल-अहज़ाब mp3, सूरा अल-अहज़ाब pdf. आयत 68–72. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अहज़ाब
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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