अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- أَجْرَمْنَا — हमने जो अपराध किए, गुनाह किए।
- تُسْأَلُونَ — तुमसे पूछा जाएगा, तुम जवाबदेह ठहराए जाओगे।
तफ़सीर:
ऐ नबी! आप इन मुशरिकीन से कह दीजिए कि जिस दिन हम सब अपने रब के सामने खड़े होंगे, उस दिन तुमसे हमारे गुनाहों के बारे में सवाल नहीं होगा, और न ही हमसे तुम्हारे आमाल के बारे में पूछा जाएगा। क्योंकि हमारा तुमसे कोई ताल्लुक़ नहीं, हम तुम्हारे कुफ़्र और बुरे कामों से बिल्कुल बरी हैं। हर शख्स अपने किए का जिम्मेदार है, और हर इंसान अपने आमाल का हिसाब खुद देगा।
यह आयत मुसलमानों को एक बहुत बड़ी खुशखबरी देती है कि उनका ईमान और नेक अमल उनके अपने हैं, और काफिरों के गुनाहों का बोझ उन पर नहीं डाला जाएगा। साथ ही यह भी सिखाती है कि हर इंसान को अपनी जिम्मेदारी का एहसास होना चाहिए — जो अच्छा करेगा वह अपने भले के लिए करेगा, और जो बुरा करेगा उसका वबाल उसी पर होगा।
यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि दूसरों के गुनाहों की जवाबदेही हम पर नहीं है, इसलिए हमें अपनी इस्लाह (सुधार) पर ध्यान देना चाहिए, अपने अमल को दुरुस्त करना चाहिए, और दूसरों के बुरे कामों से निराश या परेशान नहीं होना चाहिए। अल्लाह हर एक से उसके अपने कर्मों के बारे में पूछेगा — यह अल्लाह की रहमत और अद्ल दोनों का तकाज़ा है।
इस आयत में मोमिनीन के लिए एक पुरअसरार इत्मीनान है कि उनका रिश्ता अल्लाह से है, और उनकी नजात (मुक्ति) उनके अपने ईमान और अमल पर मुनहसिर है, न कि किसी और के कर्मों पर। यही इस्लाम का पैगाम है — हर शख्स अपनी जिम्मेदारी खुद उठाए, और अल्लाह की रहमत पर भरोसा रखे।
📜 आयत 23-27 — सबा
अनुवाद — सबा 25
सूरा सबा आयत 25 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम (उनसे) कह दो न हमारे गुनाहों की…सूरा आयत 25/54 — सबा سبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सबा सुनें, सबा अनुवाद, सबा mp3, सबा pdf. आयत 23–27. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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