Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الحَقّ: सत्य, इस्लाम, वह दीन जो अल्लाह की ओर से आया।
- البَاطِل: असत्य, शिर्क, वह चीज़ जो अल्लाह की इबादत के अलावा हो।
- مَا يُبْدِئُ وَمَا يُعِيدُ: न तो कुछ शुरू कर सकता है और न ही दोबारा लौटा सकता है, यानी उसका कोई वजूद और असर बाकी नहीं।
तफ़सीर:
ऐ नबी! आप इन मुशरिकों से कह दीजिए कि सत्य आ गया है—यानी अल्लाह का दीन, इस्लाम, और उसके सारे अहकाम जो रहमत और हिदायत लेकर आए हैं। यह सत्य अपने पूरे रौब और ताकत के साथ ज़ाहिर हो चुका है। और अब बातिल (असत्य) का वजूद मिट चुका है; उसके पास न तो कोई ताकत है कि वह कुछ नया शुरू कर सके और न ही वह अपनी खोई हुई हुकूमत को लौटा सकता है। शिर्क और कुफ्र की जड़ें उखड़ गईं, उसका असर खत्म हो गया, और अब उसके पास न कुछ पेश करने की सलाहियत है और न ही किसी चीज़ को दोबारा ज़िंदा करने की।
यह आयत मुसलमानों के लिए बशारत (खुशखबरी) है कि सच्चाई की फ़तह हमेशा रहेगी, चाहे बातिल की कोशिशें कितनी भी बड़ी क्यों न हों। अल्लाह का दीन कभी हारता नहीं, क्योंकि वही हक़ है, और हक़ के आगे बातिल की कोई हक़ीक़त नहीं। जब दिल में ईमान की रोशनी आ जाती है, तो शिर्क और गुमराही का अंधेरा छंट जाता है। याद रखिए, यह वादा अल्लाह का है—हक़ आ गया और बातिल ने अपनी सारी ताकत खो दी। इसलिए मोमिन को चाहिए कि वह इस हक़ पर डटा रहे, क्योंकि अल्लाह की मदद हक़ के साथ है, और बातिल का अंजाम हमेशा ज़वाल (बर्बादी) है।
📜 आयत 47-51 — सूरा सबा
अनुवाद — सबा 49
सूरा सबा आयत 49 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (अब उनसे) कह दो दीने हक़ आ गया और इतना…सूरा आयत 49/54 — सूरा सबा سبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा सबा सुनें, सूरा सबा अनुवाद, सूरा सबा mp3, सूरा सबा pdf. आयत 47–51. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा सबा
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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