Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
بسم الله الرحمن الرحيم
शब्दों के अर्थ:
- فَاطِرِ: सृष्टि को बिना किसी पूर्व नमूने के बनाने वाला, उत्पत्ति करने वाला।
- رُسُلًا: संदेशवाहक, दूत।
- أَجْنِحَةٍ: पंख (पर)।
- مَّثْنَىٰ وَثُلَاثَ وَرُبَاعَ: दो-दो, तीन-तीन और चार-चार।
- يَزِيدُ فِي الْخَلْقِ: सृष्टि में जो चाहता है बढ़ा देता है।
तफ़सीर (व्याख्या):
सारी प्रशंसा और स्तुति केवल अल्लाह के लिए है, जो आकाशों और धरती का सृष्टिकर्ता है। उसने इन्हें बिना किसी पूर्व नमूने के, अपनी असीम शक्ति से उत्पन्न किया। वही है जिसने फ़रिश्तों को संदेशवाहक बनाया—वे उसके आदेशों को पूरा करने वाले और उसके पैग़ंबरों तक वही (प्रकाशना) पहुँचाने वाले हैं। ये फ़रिश्ते पंखों वाले हैं; कुछ के दो पंख हैं, कुछ के तीन, और कुछ के चार। इन पंखों के द्वारा वे अल्लाह के आदेशों को तेज़ी से पूरा करने के लिए उड़ते हैं।
अल्लाह अपनी सृष्टि में जो चाहता है, बढ़ा देता है—चाहे वह शारीरिक बनावट हो, सुंदरता, आवाज़, शक्ति, या कोई अन्य विशेषता। वह अपनी सृष्टि के रूप-रंग और गुणों में जैसा चाहता है, विविधता पैदा करता है। निस्संदेह, अल्लाह हर चीज़ पर पूर्ण सामर्थ्य रखता है; उसके लिए कुछ भी असंभव नहीं है, न कोई चीज़ उसे विवश कर सकती है और न ही कोई कार्य उसके लिए कठिन है।
यह आयत हमें अल्लाह की महान शक्ति और उसकी सृष्टि की अद्भुत रचना पर चिंतन करने की शिक्षा देती है। जब हम आकाशों की ऊँचाइयों, धरती के विस्तार, और फ़रिश्तों की अद्भुत रचना को देखते हैं, तो हमारा दिल अल्लाह की प्रशंसा से भर जाता है। यह हमें सिखाता है कि जिस प्रकार अल्लाह ने फ़रिश्तों को अलग-अलग पंख दिए, उसी प्रकार उसने मनुष्यों को अलग-अलग योग्यताएँ और क्षमताएँ प्रदान की हैं—हमें अपनी-अपनी क्षमताओं का सही उपयोग करना चाहिए।
यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह की रचना में कोई कमी नहीं है; वह जब चाहता है, अपनी सृष्टि में वृद्धि कर देता है। यह हमारे लिए एक बड़ी शिक्षा है कि हम अल्लाह की असीम शक्ति पर विश्वास रखें और उसकी सृष्टि के विभिन्न पहलुओं पर गहराई से चिंतन करें। जब हम अल्लाह की इन नेमतों को याद करते हैं, तो हमारा ईमान मज़बूत होता है और हम उसके प्रति और अधिक आभारी बनते हैं। यही सच्ची कृतज्ञता है—अल्लाह की प्रशंसा करना, उसकी नेमतों को पहचानना, और उसके आदेशों का पालन करना।
📜 आयत 1-3 — सूरा फातिर
अनुवाद — फातिर 1
सूरा फातिर आयत 1 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : हर तरह की तारीफ खुदा ही के लिए (मख़सूस) है…सूरा आयत 1/45 — सूरा फातिर فاطر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा फातिर सुनें, सूरा फातिर अनुवाद, सूरा फातिर mp3, सूरा फातिर pdf. आयत 1–3. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Sunday, October 11, 2026
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