Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَعَزَّزْنَا: हमने शक्ति प्रदान की, मज़बूत किया।
- بِثَالِثٍ: तीसरे (रसूल) के साथ।
- مُرْسَلُونَ: भेजे गए (रसूल)।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उस समय का ज़िक्र करती है जब अल्लाह ने एक बस्ती (शहर) के लोगों की ओर दो रसूल भेजे। ये रसूल उन्हें अल्लाह की इबादत की ओर बुला रहे थे और शिर्क (अल्लाह के साथ किसी को साझीदार बनाने) से रोक रहे थे। लेकिन उस बस्ती के लोगों ने उन दोनों रसूलों को झुठला दिया और उनकी दावत को क़बूल नहीं किया।
फिर अल्लाह ने अपनी क़ुदरत से उन दोनों रसूलों को एक तीसरे रसूल के साथ ताक़त और सहारा दिया। तीसरे रसूल के आने से दावत और मज़बूत हुई। तीनों रसूलों ने मिलकर उस बस्ती के लोगों से कहा: "हम तीनों आपकी ओर अल्लाह के भेजे हुए रसूल हैं।"
यहाँ से हमें सीख मिलती है कि अल्लाह अपने दीन (धर्म) की मदद करता है और अपने रसूलों को ताक़त देता है। चाहे लोग झुठलाएँ, लेकिन अल्लाह की मदद उसके सच्चे बंदों के साथ होती है। यह क़िस्सा हमें बताता है कि सच्चाई की राह में मुश्किलें आती हैं, लेकिन अल्लाह पर भरोसा रखने वालों को वह कभी अकेला नहीं छोड़ता।
इस आयत में उन लोगों के लिए बड़ी नसीहत है जो अल्लाह के रसूलों को झुठलाते हैं। अल्लाह अपने रसूलों की मदद ज़रूर करता है, और सच्चाई बुलंद होकर रहती है। हमें चाहिए कि हम अल्लाह के रसूलों और उनकी शिक्षाओं पर ईमान लाएँ, क्योंकि यही हमारी भलाई का रास्ता है। अल्लाह की रहमत और मदद उन्हीं के साथ होती है जो उसकी राह में सब्र और इस्तिक़ामत (स्थिरता) दिखाते हैं।
📜 आयत 12-16 — सूरा यासीन
अनुवाद — यासीन 14
सूरा यासीन आयत 14 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : इस तरह कि जब हमने उनके पास दो (पैग़म्बर योहना…सूरा आयत 14/83 — सूरा यासीन يس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा यासीन सुनें, सूरा यासीन अनुवाद, सूरा यासीन mp3, सूरा यासीन pdf. आयत 12–16. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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