यासीन · 24/83
अनुवाद उच्चारण — यासीन
إِنِّي إِذًا لَّفِي ضَلَالٍ مُّبِينٍ ۝٢٤
Inneee izal-lafee dalaa-lim-mubeen
📖 हिंदी अर्थ
(अगर ऐसा करूँ) तो उस वक्त मैं यक़ीनी सरीही गुमराही में हूँ

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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • إِذًا: उस स्थिति में, यदि ऐसा करूँ।
  • ضَلَالٍ مُبِينٍ: स्पष्ट और प्रत्यक्ष पथभ्रष्टता, खुला गुमराही।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह उस ईमानवाले व्यक्ति का कथन है जो अपनी क़ौम को एकेश्वरवाद (तौहीद) की ओर बुला रहा था। वह कहता है: "यदि मैं अल्लाह को छोड़कर दूसरे देवताओं की पूजा करूँ, जो न मुझे कोई लाभ पहुँचा सकते हैं और न हानि से बचा सकते हैं, न मेरी सुन सकते हैं और न मेरी सहायता कर सकते हैं, तो मैं निश्चित रूप से स्पष्ट पथभ्रष्टता में हूँ।"

यह एक ऐसी गुमराही है जिसमें कोई संदेह नहीं, क्योंकि सृष्टि का स्वामी, पालनहार और रिज़्क़ देने वाला केवल अल्लाह है। उसकी इबादत के बजाय उन्हें पुकारना जो कुछ भी नहीं रखते, यह सबसे बड़ी भूल और खुली गुमराही है। यह व्यक्ति अपनी क़ौम को सचेत कर रहा है कि वे अपनी मूर्खता को पहचानें और सीधे मार्ग पर लौटें।

फिर उसने कहा: "मैंने तुम्हारे रब पर ईमान लाया है, मेरी बात सुनो और मेरे अनुसरण करो।" उसका यह दृढ़ विश्वास और साहस देखकर उसकी क़ौम ने उसे शहीद कर दिया, और अल्लाह ने उसे जन्नत में दाखिल किया। यह उन लोगों का प्रतिफल है जो सत्य पर दृढ़ रहते हैं और अल्लाह की राह में अपना सब कुछ न्योछावर कर देते हैं।

दावत (आमंत्रण) का पहलू:

यह आयत हमें सिखाती है कि ईमान का अर्थ केवल ज़ुबान से दावा करना नहीं, बल्कि उस पर दृढ़ रहना और हर परिस्थिति में अल्लाह पर भरोसा रखना है। जब हम अल्लाह को छोड़कर किसी और से मदद माँगते हैं या उसकी इबादत करते हैं, तो हम खुद को स्पष्ट गुमराही में डाल रहे हैं। अल्लाह हमें सीधा रास्ता दिखाए और हमें उन लोगों में शामिल करे जो सत्य पर दृढ़ हैं। याद रखें, अल्लाह ही है जो सुनता है, देखता है और हर मुश्किल में हमारी मदद कर सकता है — उसी से जुड़े रहें, कभी निराश न हों।



📜 आयत 22-26 — यासीन

22وَمَا لِيَ لَا أَعْبُدُ الَّذِي فَطَرَنِي وَإِلَيْهِ تُرْجَعُونَ
और मुझे क्या (ख़ब्त) हुआ है कि जिसने मुझे पैदा किया है उसकी इबादत न करूँ हालाँकि तुम सब के बस (आख़िर) उसी की तरफ लौटकर जाओगे
23أَأَتَّخِذُ مِن دُونِهِ آلِهَةً إِن يُرِدْنِ الرَّحْمَٰنُ بِضُرٍّ لَّا تُغْنِ عَنِّي شَفَاعَتُهُمْ شَيْئًا وَلَا يُنقِذُونِ
क्या मैं उसे छोड़कर दूसरों को माबूद बना लूँ अगर खुदा मुझे कोई तकलीफ पहुँचाना चाहे तो न उनकी सिफारिश ही मेरे कुछ काम आएगी और न ये लोग मुझे (इस मुसीबत से) छुड़ा ही सकेंगें
24إِنِّي إِذًا لَّفِي ضَلَالٍ مُّبِينٍ
(अगर ऐसा करूँ) तो उस वक्त मैं यक़ीनी सरीही गुमराही में हूँ
25إِنِّي آمَنتُ بِرَبِّكُمْ فَاسْمَعُونِ
मैं तो तुम्हारे परवरदिगार पर ईमान ला चुका हूँ मेरी बात सुनो और मानो; मगर उन लोगों ने उसे संगसार कर डाला
26قِيلَ ادْخُلِ الْجَنَّةَ ۖ قَالَ يَا لَيْتَ قَوْمِي يَعْلَمُونَ
तब उसे खुदा का हुक्म हुआ कि बेहिश्त में जा (उस वक्त भी उसको क़ौम का ख्याल आया तो कहा)
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अनुवाद — यासीन 24

सूरा यासीन आयत 24 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (अगर ऐसा करूँ) तो उस वक्त मैं यक़ीनी सरीही गुमराही…

सूरा आयत 24/83 — यासीन يس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यासीन सुनें, यासीन अनुवाद, यासीन mp3, यासीन pdf. आयत 22–26. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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