यासीन · 76/83
अनुवाद उच्चारण — यासीन
فَلَا يَحْزُنكَ قَوْلُهُمْ ۘ إِنَّا نَعْلَمُ مَا يُسِرُّونَ وَمَا يُعْلِنُونَ ۝٧٦
Falaa yahzunka qawluhum; innaa na`lamu maa yusirroona wa maa yu`linoon
📖 हिंदी अर्थ
तो (ऐ रसूल) तुम इनकी बातों से आज़ुरदा ख़ातिर (पेरशान) न हो जो कुछ ये लोग छिपा कर करते हैं और जो कुछ खुल्लम खुल्ला करते हैं-हम सबको यक़ीनी जानते हैं

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • فَلَا يَحْزُنكَ – (ऐ नबी!) आपको दुखी न करे।
  • قَوْلُهُمْ – उनकी बातें (जो वे आपके बारे में कहते हैं)।
  • مَا يُسِرُّونَ – जो कुछ वे छिपाते हैं।
  • وَمَا يُعْلِنُونَ – और जो कुछ वे प्रकट करते हैं।

तफसीर (व्याख्या):

ऐ प्यारे नबी (ﷺ)! काफिरों की वे बातें जो वे आपके विरुद्ध कहते हैं—चाहे वे आपको जादूगर कहें, शायर कहें, या आपके पैग़म्बर होने का मज़ाक उड़ाएँ—आपको किसी भी प्रकार से दुखी न करें। यह उनकी नादानी और हठधर्मिता है, और आपका काम केवल संदेश पहुँचाना है।

अल्लाह तआला आपको सांत्वना देते हुए फ़रमाता है: "हमें पूर्ण रूप से ज्ञात है जो कुछ वे छिपाते हैं और जो कुछ वे प्रकट करते हैं।" उनके दिलों में जो कुछ है, उनकी साज़िशें, उनके बुरे इरादे, और जो कुछ वे ज़बान से कहते हैं—सब कुछ हमारी निगरानी में है। कोई भी बात, चाहे वह कितनी ही गुप्त क्यों न हो, हमसे छिपी नहीं है।

यह आयत मोमिनों के लिए एक बड़ी तसल्ली है कि अल्लाह तआला अपने नबी और अपने बंदों के साथ है। वह हर चीज़ का हिसाब रखता है, और उनकी ज़ालिमाना हरकतों का बदला उन्हें ज़रूर देगा। यह बात हमें सिखाती है कि जब हमारे साथ बुरा व्यवहार किया जाए या हमारी तौहीन की जाए, तो हमें दुखी होने की बजाय अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए। वही सबसे अच्छा न्याय करने वाला है।

ऐ इंसान! तू अपने कामों में सावधान रह—चाहे तू छिपाकर कुछ करे या खुलेआम, अल्लाह सब कुछ जानता है। यही विश्वास हमें पاکیزہ زندگی گزارنے کی توفیق देता है और हमें अल्लाह की रहमत की ओर ले जाता है। इसलिए हमेशा सच्चाई और नेकी पर डटे रहो, क्योंकि अल्लाह का वादा सच्चा है और उसकी मदद ज़रूर आती है।



📜 आयत 74-78 — यासीन

74وَاتَّخَذُوا مِن دُونِ اللَّهِ آلِهَةً لَّعَلَّهُمْ يُنصَرُونَ
और लोगों ने ख़ुदा को छोड़कर (फर्ज़ी माबूद बनाए हैं ताकि उन्हें उनसे कुछ मद्द मिले हालाँकि वह लोग उनकी किसी तरह मद्द कर ही नहीं सकते
75لَا يَسْتَطِيعُونَ نَصْرَهُمْ وَهُمْ لَهُمْ جُندٌ مُّحْضَرُونَ
और ये कुफ्फ़ार उन माबूदों के लशकर हैं (और क़यामत में) उन सबकी हाज़िरी ली जाएगी
76فَلَا يَحْزُنكَ قَوْلُهُمْ ۘ إِنَّا نَعْلَمُ مَا يُسِرُّونَ وَمَا يُعْلِنُونَ
तो (ऐ रसूल) तुम इनकी बातों से आज़ुरदा ख़ातिर (पेरशान) न हो जो कुछ ये लोग छिपा कर करते हैं और जो कुछ खुल्लम खुल्ला करते हैं-हम सबको यक़ीनी जानते हैं
77أَوَلَمْ يَرَ الْإِنسَانُ أَنَّا خَلَقْنَاهُ مِن نُّطْفَةٍ فَإِذَا هُوَ خَصِيمٌ مُّبِينٌ
क्या आदमी ने इस पर भी ग़ौर नहीं किया कि हम ही ने इसको एक ज़लील नुत्फे से पैदा किया फिर वह यकायक (हमारा ही) खुल्लम खुल्ला मुक़ाबिल (बना) है
78وَضَرَبَ لَنَا مَثَلًا وَنَسِيَ خَلْقَهُ ۖ قَالَ مَن يُحْيِي الْعِظَامَ وَهِيَ رَمِيمٌ
और हमारी निसबत बातें बनाने लगा और अपनी ख़िलक़त (की हालत) भूल गया और कहने लगा कि भला जब ये हड्डियां (सड़गल कर) ख़ाक हो जाएँगी तो (फिर) कौन (दोबारा) ज़िन्दा कर सकता है
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अनुवाद — यासीन 76

सूरा यासीन आयत 76 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो (ऐ रसूल) तुम इनकी बातों से आज़ुरदा ख़ातिर (पेरशान)…

सूरा आयत 76/83 — यासीन يس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यासीन सुनें, यासीन अनुवाद, यासीन mp3, यासीन pdf. आयत 74–78. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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