अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَلَا يَحْزُنكَ – (ऐ नबी!) आपको दुखी न करे।
- قَوْلُهُمْ – उनकी बातें (जो वे आपके बारे में कहते हैं)।
- مَا يُسِرُّونَ – जो कुछ वे छिपाते हैं।
- وَمَا يُعْلِنُونَ – और जो कुछ वे प्रकट करते हैं।
तफसीर (व्याख्या):
ऐ प्यारे नबी (ﷺ)! काफिरों की वे बातें जो वे आपके विरुद्ध कहते हैं—चाहे वे आपको जादूगर कहें, शायर कहें, या आपके पैग़म्बर होने का मज़ाक उड़ाएँ—आपको किसी भी प्रकार से दुखी न करें। यह उनकी नादानी और हठधर्मिता है, और आपका काम केवल संदेश पहुँचाना है।
अल्लाह तआला आपको सांत्वना देते हुए फ़रमाता है: "हमें पूर्ण रूप से ज्ञात है जो कुछ वे छिपाते हैं और जो कुछ वे प्रकट करते हैं।" उनके दिलों में जो कुछ है, उनकी साज़िशें, उनके बुरे इरादे, और जो कुछ वे ज़बान से कहते हैं—सब कुछ हमारी निगरानी में है। कोई भी बात, चाहे वह कितनी ही गुप्त क्यों न हो, हमसे छिपी नहीं है।
यह आयत मोमिनों के लिए एक बड़ी तसल्ली है कि अल्लाह तआला अपने नबी और अपने बंदों के साथ है। वह हर चीज़ का हिसाब रखता है, और उनकी ज़ालिमाना हरकतों का बदला उन्हें ज़रूर देगा। यह बात हमें सिखाती है कि जब हमारे साथ बुरा व्यवहार किया जाए या हमारी तौहीन की जाए, तो हमें दुखी होने की बजाय अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए। वही सबसे अच्छा न्याय करने वाला है।
ऐ इंसान! तू अपने कामों में सावधान रह—चाहे तू छिपाकर कुछ करे या खुलेआम, अल्लाह सब कुछ जानता है। यही विश्वास हमें पاکیزہ زندگی گزارنے کی توفیق देता है और हमें अल्लाह की रहमत की ओर ले जाता है। इसलिए हमेशा सच्चाई और नेकी पर डटे रहो, क्योंकि अल्लाह का वादा सच्चा है और उसकी मदद ज़रूर आती है।
📜 आयत 74-78 — यासीन
अनुवाद — यासीन 76
सूरा यासीन आयत 76 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो (ऐ रसूल) तुम इनकी बातों से आज़ुरदा ख़ातिर (पेरशान)…सूरा आयत 76/83 — यासीन يس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यासीन सुनें, यासीन अनुवाद, यासीन mp3, यासीन pdf. आयत 74–78. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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