Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- رَمِيمٌ: चूर-चूर, बिखरी हुई और सड़ी-गली हड्डियाँ।
- يُحْيِي: जीवित करना, दोबारा जान डालना।
- ضَرَبَ مَثَلًا: मिसाल देना, उदाहरण पेश करना।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला उस इन्सान का ज़िक्र कर रहा है जो आख़िरत के दिन को झुठलाता है और क़ियामत के मंज़र का मज़ाक़ उड़ाता है। वह अल्लाह के सामने एक बेहूदा मिसाल पेश करता है और कहता है: "ये सड़ी-गली हड्डियाँ कौन ज़िन्दा करेगा?" — यानी वह अल्लाह की क़ुदरत को भूल गया और अपनी पैदाइश के शुरुआती हालात पर ग़ौर नहीं किया।
अल्लाह तआला फ़रमाता है कि इस शख़्स ने हमारे लिए एक ऐसी मिसाल बयान की जो बिल्कुल ग़लत और बेजा है। उसने अपनी पैदाइश को भुला दिया — वह एक नुत्फ़े (बूँद) से बना, फिर ख़ून के लोथड़े से, फिर गोश्त के टुकड़े से, और आख़िरकार एक मुकम्मल इन्सान बन गया। जो अल्लाह उसे पहली बार पैदा कर सका, वही अल्लाह उसे दोबारा क्यों नहीं ज़िन्दा कर सकता?
ये हड्डियाँ चाहे कितनी ही बिखरी और सड़ी-गली क्यों न हों, अल्लाह के लिए उन्हें जोड़ना और उनमें जान डालना बिल्कुल आसान है। जिसने पूरी कायनात को पैदा किया, जिसने आसमान और ज़मीन को बनाया, उसके लिए मुर्दों को ज़िन्दा करना कोई मुश्किल काम नहीं।
ये आयत हमें सिखाती है कि इन्सान को अपनी पैदाइश पर ग़ौर करना चाहिए। जब हम ख़ुद एक क़तरे से बने हैं, तो हमें अल्लाह की क़ुदरत पर यक़ीन रखना चाहिए। क़ियामत का दिन आना हक़ है, और अल्लाह हर चीज़ पर क़ादिर है। जो लोग इस पर शक करते हैं, वह दरअसल अपनी अक़्ल और समझ पर पर्दा डाल लेते हैं।
अल्लाह तआला हमें सच्चा यक़ीन अता करे और हमें उन लोगों में शामिल करे जो उसकी क़ुदरत को समझते हैं और उसके हुक्म के आगे सर झुकाते हैं। आमीन।
📜 आयत 76-80 — सूरा यासीन
अनुवाद — यासीन 78
सूरा यासीन आयत 78 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमारी निसबत बातें बनाने लगा और अपनी ख़िलक़त (की…सूरा आयत 78/83 — सूरा यासीन يس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा यासीन सुनें, सूरा यासीन अनुवाद, सूरा यासीन mp3, सूरा यासीन pdf. आयत 76–80. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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