अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- رَبَّكُمْ: तुम्हारा पालनहार, रब
- آبَائِكُمُ الْأَوَّلِينَ: तुम्हारे पहले के बाप-दादा, पूर्वज
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत हज़रत इलियास (अलैहिस्सलाम) की दावत का एक अहम हिस्सा है, जो उन्होंने अपनी क़ौम को दी थी। वे अपनी क़ौम से फ़रमा रहे थे कि अल्लाह ही तुम्हारा रब है और वही तुम्हारे पहले के बाप-दादा का भी रब था। यानी वही मालिक, पालनहार और परवरिश करने वाला है, जिसने तुम्हें पैदा किया और तुमसे पहले के लोगों को भी पैदा किया।
जब अल्लाह ही सबका ख़ालिक़ और मालिक है, तो फिर उसकी इबादत के बजाय बुतों की पूजा क्यों? वे बुत तो न किसी को पैदा कर सकते हैं, न रिज़्क़ दे सकते हैं, न किसी को नुक़सान पहुँचा सकते हैं और न ही फ़ायदा। अल्लाह ही वह हस्ती है जो सबका रब है — तुम्हारा भी और तुम्हारे अज़दाद (पूर्वजों) का भी।
यह बात हर ज़माने में सच है — अल्लाह ही सारे जहान का पालनहार है। जिसने हमें पैदा किया, हमारी परवरिश की, हमें रिज़्क़ दिया, और हमारे बाप-दादा को भी यही सब कुछ दिया। वही इस काबिल है कि उसकी इबादत की जाए, उसी के आगे सर झुकाया जाए।
यह आयत हमें सिखाती है कि इबादत सिर्फ़ उसी की होनी चाहिए जो असल ख़ालिक़ और मालिक है। जब हम अपने आस-पास देखते हैं — यह आसमान, यह ज़मीन, यह सूरज, यह चाँद, यह हवा, यह पानी — सब कुछ अल्लाह ही की देन है। और यही सिलसिला हमारे बाप-दादा के ज़माने से चला आ रहा है। अल्लाह ने कभी किसी को अपनी रबूबियत से महरूम नहीं रखा।
इसलिए ऐ इंसान! उस अल्लाह की इबादत करो जो तुम्हारा असली मालिक है, और उन चीज़ों को छोड़ दो जो न तुम्हें पैदा कर सकती हैं और न तुम्हारी मदद कर सकती हैं। अल्लाह ही वह है जो सुनता है, देखता है, और हर दुआ का जवाब देता है। उसी की रहमत से बारिश होती है, उसी के हुक्म से फ़सलें उगती हैं, और उसी के इशारे से हमारी साँसें चलती हैं।
तो क्यों न हम उसी की तरफ़ रुजू करें? क्यों न हम उसी से मदद माँगें? क्यों न हम उसी के आगे सजदा करें? यही सबसे बड़ी सच्चाई है — अल्लाह हमारा रब है और हमारे पहले के लोगों का भी रब रहा है। और यही वह पैग़ाम है जो हर नबी लेकर आया — कि अल्लाह की इबादत करो और उसके साथ किसी को शरीक न करो।
📜 आयत 124-128 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 126
सूरा अस-साफ्फात आयत 126 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (जो) तुम्हारा परवरदिगार और तुम्हारे अगले बाप दादाओं का…सूरा आयत 126/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 124–128. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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