अस-साफ्फात · 126/182
अनुवाद उच्चारण — सूरा अस-साफ्फात
اللَّهَ رَبَّكُمْ وَرَبَّ آبَائِكُمُ الْأَوَّلِينَ ۝١٢٦
Allaaha Rabbakum wa Rabba aabaaa`ikumul awwaleen
📖 हिंदी अर्थ
और (जो) तुम्हारा परवरदिगार और तुम्हारे अगले बाप दादाओं का (भी) परवरदिगार है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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A Abdurrahman As-Sudais ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • رَبَّكُمْ: तुम्हारा पालनहार, रब
  • آبَائِكُمُ الْأَوَّلِينَ: तुम्हारे पहले के बाप-दादा, पूर्वज

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत हज़रत इलियास (अलैहिस्सलाम) की दावत का एक अहम हिस्सा है, जो उन्होंने अपनी क़ौम को दी थी। वे अपनी क़ौम से फ़रमा रहे थे कि अल्लाह ही तुम्हारा रब है और वही तुम्हारे पहले के बाप-दादा का भी रब था। यानी वही मालिक, पालनहार और परवरिश करने वाला है, जिसने तुम्हें पैदा किया और तुमसे पहले के लोगों को भी पैदा किया।

जब अल्लाह ही सबका ख़ालिक़ और मालिक है, तो फिर उसकी इबादत के बजाय बुतों की पूजा क्यों? वे बुत तो न किसी को पैदा कर सकते हैं, न रिज़्क़ दे सकते हैं, न किसी को नुक़सान पहुँचा सकते हैं और न ही फ़ायदा। अल्लाह ही वह हस्ती है जो सबका रब है — तुम्हारा भी और तुम्हारे अज़दाद (पूर्वजों) का भी।

यह बात हर ज़माने में सच है — अल्लाह ही सारे जहान का पालनहार है। जिसने हमें पैदा किया, हमारी परवरिश की, हमें रिज़्क़ दिया, और हमारे बाप-दादा को भी यही सब कुछ दिया। वही इस काबिल है कि उसकी इबादत की जाए, उसी के आगे सर झुकाया जाए।

यह आयत हमें सिखाती है कि इबादत सिर्फ़ उसी की होनी चाहिए जो असल ख़ालिक़ और मालिक है। जब हम अपने आस-पास देखते हैं — यह आसमान, यह ज़मीन, यह सूरज, यह चाँद, यह हवा, यह पानी — सब कुछ अल्लाह ही की देन है। और यही सिलसिला हमारे बाप-दादा के ज़माने से चला आ रहा है। अल्लाह ने कभी किसी को अपनी रबूबियत से महरूम नहीं रखा।

इसलिए ऐ इंसान! उस अल्लाह की इबादत करो जो तुम्हारा असली मालिक है, और उन चीज़ों को छोड़ दो जो न तुम्हें पैदा कर सकती हैं और न तुम्हारी मदद कर सकती हैं। अल्लाह ही वह है जो सुनता है, देखता है, और हर दुआ का जवाब देता है। उसी की रहमत से बारिश होती है, उसी के हुक्म से फ़सलें उगती हैं, और उसी के इशारे से हमारी साँसें चलती हैं।

तो क्यों न हम उसी की तरफ़ रुजू करें? क्यों न हम उसी से मदद माँगें? क्यों न हम उसी के आगे सजदा करें? यही सबसे बड़ी सच्चाई है — अल्लाह हमारा रब है और हमारे पहले के लोगों का भी रब रहा है। और यही वह पैग़ाम है जो हर नबी लेकर आया — कि अल्लाह की इबादत करो और उसके साथ किसी को शरीक न करो।



📜 आयत 124-128 — सूरा अस-साफ्फात

124إِذْ قَالَ لِقَوْمِهِ أَلَا تَتَّقُونَ
जब उन्होंने अपनी क़ौम से कहा कि तुम लोग (ख़ुदा से) क्यों नहीं डरते
125أَتَدْعُونَ بَعْلًا وَتَذَرُونَ أَحْسَنَ الْخَالِقِينَ
क्या तुम लोग बाल (बुत) की परसतिश करते हो और खुदा को छोड़े बैठे हो जो सबसे बेहतर पैदा करने वाला है
126اللَّهَ رَبَّكُمْ وَرَبَّ آبَائِكُمُ الْأَوَّلِينَ
और (जो) तुम्हारा परवरदिगार और तुम्हारे अगले बाप दादाओं का (भी) परवरदिगार है
127فَكَذَّبُوهُ فَإِنَّهُمْ لَمُحْضَرُونَ
तो उसे लोगों ने झुठला दिया तो ये लोग यक़ीनन (जहन्नुम) में गिरफ्तार किए जाएँगे
128إِلَّا عِبَادَ اللَّهِ الْمُخْلَصِينَ
मगर खुदा के निरे खरे बन्दे महफूज़ रहेंगे
अस-साफ्फातकुरान सूची
182आयत
मक्कीअवतरण स्थान
126आयत

अनुवाद — अस-साफ्फात 126

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Saturday, October 3, 2026

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