अनुवाद — Tafsir
सुब्हानल्लाह! अल्लाह उन सब बातों से पाक और पवित्र है जो ये लोग उसके बारे में बयान करते हैं। ये मुशरिकीन अल्लाह के लिए औलाद, साझीदार और ऐसी चीज़ें कहते हैं जो उसकी शान के लायक़ नहीं। अल्लाह इन सब झूठे और बेबुनियाद आरोपों से बिल्कुल पाक है। वह हर कमी, हर ऐब और हर उस चीज़ से मुबर्रा है जो उसकी पाक ज़ात के खिलाफ़ हो। उसकी ज़ात, उसके सिफ़ात और उसके काम सब कुछ कमाल और बेहतरीन हैं। उसके लिए कोई औलाद नहीं, कोई शरीक नहीं, कोई नज़ीर नहीं। वह अकेला है, बेनियाज़ है, न उसने किसी को जन्म दिया और न वह किसी से पैदा हुआ। ये आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की पाकी और तंज़ीह का एलान करना चाहिए और उसके बारे में हर उस बात को नकारना चाहिए जो उसकी शान के खिलाफ़ हो। अल्लाह की ज़ात हर उस चीज़ से बुलंद है जो लोग उसके बारे में सोचते या कहते हैं। हमें चाहिए कि हम अल्लाह को उसी तरह पहचानें जिस तरह उसने खुद अपनी ज़ात और सिफ़ात का बयान किया है, और उसके रसूल ने सिखाया है। यही हमारी कामयाबी और नजात की राह है।
📜 आयत 157-161 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 159
सूरा अस-साफ्फात आयत 159 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ये लोग जो बातें बनाया करते हैं इनसे खुदा पाक…सूरा आयत 159/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 157–161. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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