अस-साफ्फात · 26/182
अनुवाद उच्चारण — अस-साफ्फात
بَلْ هُمُ الْيَوْمَ مُسْتَسْلِمُونَ ۝٢٦
Bal humul Yawma mustaslimoon
📖 हिंदी अर्थ
(जवाब क्या देंगे) बल्कि वह तो आज गर्दन झुकाए हुए हैं

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • مُسْتَسْلِمُونَ: आज्ञाकारी, आत्मसमर्पण करने वाले, विवश और लज्जित होकर झुक जाने वाले।

व्याख्या:

इस आयत में अल्लाह तआला क़यामत के दिन का एक दृश्य प्रस्तुत कर रहे हैं। जब मुशरिकीन और काफिरों से कहा जाएगा कि तुमने अल्लाह के साथ शिर्क किया, तो वे एक-दूसरे से बहस करेंगे और अपने साथियों को दोष देंगे। लेकिन उस दिन उनकी कोई बहानेबाज़ी काम नहीं आएगी। वे पूरी तरह से विवश और लज्जित होंगे। आज वे दुनिया में घमंड और अकड़ से अल्लाह के आगे झुकने से इनकार करते थे, लेकिन उस दिन वे पूरी तरह से आत्मसमर्पण कर देंगे। उनके पास कोई ताकत नहीं होगी, न कोई मददगार, न कोई सहारा। वे अपने बुतों और देवताओं को भूल जाएंगे और सिर झुकाकर अल्लाह के सामने खड़े होंगे।

यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह के सामने सच्चा आत्मसमर्पण और विनम्रता इसी दुनिया में होनी चाहिए। जो व्यक्ति दुनिया में अल्लाह के आगे झुकता है और उसकी इबादत करता है, उसके लिए आख़िरत में इज़्ज़त और कामयाबी है। लेकिन जो लोग दुनिया में घमंड करते हैं और अल्लाह के आगे झुकने से इनकार करते हैं, उन्हें उस दिन मजबूरन झुकना पड़ेगा, लेकिन वह झुकना उनके किसी काम नहीं आएगा।

प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें एक बड़ी सीख देती है कि हम अपनी ज़िंदगी में अल्लाह के आगे झुकना सीखें। नमाज़ में, दुआ में, और अपने हर काम में अल्लाह के हुक्म को मानें। जो व्यक्ति दुनिया में अल्लाह के आगे सिर झुकाता है, अल्लाह उसे आख़िरत में सर उठाकर जीने की तौफ़ीक़ देगा। याद रखिए, आज का आत्मसमर्पण इख्तियार से है, कल का आत्मसमर्पण मजबूरी से होगा। आज हमें चुनने का मौका दिया गया है — या तो हम अल्लाह के आगे इख्तियार से झुकें और कामयाब हों, या फिर कल मजबूरी में झुकना पड़े और नुकसान उठाना पड़े। अल्लाह हमें सही रास्ता दिखाए। आमीन।



📜 आयत 24-28 — अस-साफ्फात

24وَقِفُوهُمْ ۖ إِنَّهُم مَّسْئُولُونَ
और (हाँ ज़रा) उन्हें ठहराओ तो उनसे कुछ पूछना है
25مَا لَكُمْ لَا تَنَاصَرُونَ
(अरे कमबख्तों) अब तुम्हें क्या होगा कि एक दूसरे की मदद नहीं करते
26بَلْ هُمُ الْيَوْمَ مُسْتَسْلِمُونَ
(जवाब क्या देंगे) बल्कि वह तो आज गर्दन झुकाए हुए हैं
27وَأَقْبَلَ بَعْضُهُمْ عَلَىٰ بَعْضٍ يَتَسَاءَلُونَ
और एक दूसरे की तरफ मुतावज्जे होकर बाहम पूछताछ करेंगे
28قَالُوا إِنَّكُمْ كُنتُمْ تَأْتُونَنَا عَنِ الْيَمِينِ
(और इन्सान शयातीन से) कहेंगे कि तुम ही तो हमारी दाहिनी तरफ से (हमें बहकाने को) चढ़ आते थे
अस-साफ्फातकुरान सूची
182आयत
मक्कीRevelation
26आयत

अनुवाद — अस-साफ्फात 26

सूरा अस-साफ्फात आयत 26 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (जवाब क्या देंगे) बल्कि वह तो आज गर्दन झुकाए हुए…

सूरा आयत 26/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 24–28. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए