अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- तातूनना – तुम हमारे पास आते थे
- अनिल यमीन – दाहिनी ओर से, अर्थात धर्म और सत्य के रास्ते से
तफसीर:
जब अल्लाह तआला जहन्नम के आग और अज़ाब का सामना करने के लिए गुनाहगारों को इकट्ठा करेगा, तो वहाँ नेताओं और अनुयायियों के बीच बहस और झगड़ा होगा। अनुयायी अपने बड़ों और रहनुमाओं से कहेंगे: "तुम ही तो थे जो हमारे पास धर्म और सत्य की ओर से आते थे। तुम हमें धोखा देते थे, हमारे सामने झूठ को सच के रूप में पेश करते थे, और हमें अल्लाह के सीधे रास्ते से भटकाते थे। तुम हमारे पास इस तरह आते थे जैसे तुम सच्चाई और भलाई की तरफ बुला रहे हो, लेकिन असल में तुम हमें गुमराह कर रहे थे।"
यह वही बात है जो कुरआन ने दूसरी जगह बयान की है कि अनुयायी कहेंगे: "बल्कि तुम ही लोग रात-दिन चालें चलते थे, तुम हमें हुक्म देते थे कि हम अल्लाह के साथ कुफ्र करें और उसके साथ दूसरों को शरीक ठहराएं।" यानी ये नेता अपने अनुयायियों को धोखा देने के लिए हर हथकंडा अपनाते थे, और उन्हें ऐसे रास्ते से गुमराह करते थे जिसे देखकर लोग समझते थे कि यह सच्चाई और भलाई का रास्ता है।
इस आयत में हमारे लिए बहुत बड़ी सीख है कि हमें अपने रहनुमाओं, बड़ों और उन लोगों से सावधान रहना चाहिए जो हमें धर्म के नाम पर गुमराह करते हैं। हमें हर बात को कुरआन और सुन्नत की कसौटी पर परखना चाहिए। अल्लाह तआला ने हमें अक्ल दी है और कुरआन को हिदायत के लिए भेजा है, ताकि हम सच और झूठ में फर्क कर सकें। जो लोग दुनिया में सच्चाई की तरफ बुलाते हैं, वे अल्लाह के नेक बंदे होते हैं, लेकिन जो लोग धर्म के नाम पर लोगों को गुमराह करते हैं, वे शैतान के साथी होते हैं। क़यामत के दिन उनका यह धोखा खुल जाएगा और वे एक-दूसरे को दोष देंगे, लेकिन वहाँ कोई बहाना काम नहीं आएगा। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने दीन को खुद समझें, कुरआन और सही हदीस से रोशनी हासिल करें, और किसी की अंधी पैरवी न करें। अल्लाह हमें सीधे रास्ते पर चलने की तौफीक दे। आमीन।
📜 आयत 26-30 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 28
सूरा अस-साफ्फात आयत 28 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (और इन्सान शयातीन से) कहेंगे कि तुम ही तो हमारी…सूरा आयत 28/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 26–30. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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