अस-साफ्फात · 47/182
अनुवाद उच्चारण — सूरा अस-साफ्फात
لَا فِيهَا غَوْلٌ وَلَا هُمْ عَنْهَا يُنزَفُونَ ۝٤٧
Laa feehaa ghawlunw wa laa hum `anhaa yunzafoon
📖 हिंदी अर्थ
(और फिर) न उस शराब में ख़ुमार की वजह से) दर्द सर होगा और न वह उस (के पीने) से मतवाले होंगे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
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M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • غَوْل: दर्द, बीमारी या ऐसी चीज़ जो इंसान को हलाक कर दे। इसका मूल अर्थ है "हलाक करना"।
  • يُنزَفُونَ: इसका अर्थ है कि शराब उनके दिमाग़ को ज़ाइल कर दे, यानी नशे की वजह से अक़्ल खत्म हो जाए।

तफ़सीर:

यह आयत उस जन्नती शराब का वर्णन कर रही है जो अल्लाह तआला ने अपने नेक बंदों के लिए तैयार की है। यह दुनिया की शराब से बिल्कुल अलग है। दुनिया की शराब में कई नुक़्सान होते हैं — यह इंसान की अक़्ल को खराब कर देती है, दर्द और बीमारियाँ पैदा करती है, और कई बार तो इंसान को बर्बाद कर देती है। लेकिन जन्नत की शराब इन सब आइबों से पाक है।

इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमा रहे हैं कि उस शराब में न कोई दर्द है, न बीमारी, न सिरदर्द, और न ही वह उनके दिमाग़ को ज़ाइल करेगी। यानी जन्नत की शराब पीने के बाद इंसान की अक़्ल सलामत रहेगी, उसका शरीर तंदुरुस्त रहेगा, और उसे किसी तरह की कोई तकलीफ़ नहीं होगी। यह उस शराब के मुक़ाबले में है जो दुनिया में लोग पीते हैं और जिसके बाद उन्हें सिरदर्द, बीमारी और अक़्ल की कमी जैसी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है।

यह अल्लाह तआला की उस रहमत और करम की निशानी है कि उसने अपने बंदों के लिए ऐसी नेअमतें तैयार की हैं जिनमें कोई कमी या नुक़्सान नहीं। यह उन लोगों के लिए इनाम है जो दुनिया में अल्लाह की इताअत करते हैं, उसकी नाफ़रमानी से बचते हैं, और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह के हुक्म के मुताबिक़ गुज़ारते हैं।

इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि अल्लाह तआला अपने नेक बंदों को कभी नाकाम नहीं करता। जिस तरह दुनिया में वह उन्हें सब्र और नेकी की तौफ़ीक़ देता है, उसी तरह आख़िरत में उन्हें ऐसी जगह अता करेगा जहाँ हर तरह की ख़ुशी और आराम होगा। यह हमारे लिए सबसे बड़ी ख़ुशख़बरी है कि अगर हम अल्लाह के रास्ते पर चलें, तो उसका इनाम कभी ख़त्म नहीं होने वाला और न ही उसमें कोई कमी आने वाली है।

आओ, हम सब इस नेअमत को पाने के लिए अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ ढालें, और उस दिन की तैयारी करें जब हमें अपने अमल का बदला मिलेगा। यक़ीनन अल्लाह तआला अपने वादे में सच्चा है और उसका इनाम बेहतरीन है।



📜 आयत 45-49 — सूरा अस-साफ्फात

45يُطَافُ عَلَيْهِم بِكَأْسٍ مِّن مَّعِينٍ
उनमें साफ सफेद बुर्राक़ शराब के जाम का दौर चल रहा होगा
46بَيْضَاءَ لَذَّةٍ لِّلشَّارِبِينَ
जो पीने वालों को बड़ा मज़ा देगी
47لَا فِيهَا غَوْلٌ وَلَا هُمْ عَنْهَا يُنزَفُونَ
(और फिर) न उस शराब में ख़ुमार की वजह से) दर्द सर होगा और न वह उस (के पीने) से मतवाले होंगे
48وَعِندَهُمْ قَاصِرَاتُ الطَّرْفِ عِينٌ
और उनके पहलू में (शर्म से) नीची निगाहें करने वाली बड़ी बड़ी ऑंखों वाली परियाँ होगी
49كَأَنَّهُنَّ بَيْضٌ مَّكْنُونٌ
(उनकी) गोरी-गोरी रंगतों में हल्की सी सुर्ख़ी ऐसी झलकती होगी
अस-साफ्फातकुरान सूची
182आयत
मक्कीअवतरण स्थान
47आयत

अनुवाद — अस-साफ्फात 47

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Friday, October 2, 2026

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