साद · 78/88
अनुवाद उच्चारण — साद
وَإِنَّ عَلَيْكَ لَعْنَتِي إِلَىٰ يَوْمِ الدِّينِ ۝٧٨
Wa inna `alaika la`nateee ilaa Yawmid Deen
📖 हिंदी अर्थ
और तुझ पर रोज़ जज़ा (क़यामत) तक मेरी फिटकार पड़ा करेगी

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • لَعْنَتِي — मेरी लानत, अर्थात मेरी रहमत से दूरी और मेरी ओर से फटकार।
  • يَوْمِ الدِّينِ — प्रतिशोध (बदला) का दिन, अर्थात क़ियामत का दिन।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने शैतान (इब्लीस) को, जब उसने आदम (अलैहिस्सलाम) को सजदा करने से इनकार किया और घमंड किया, स्पष्ट रूप से बता दिया कि उसका अंजाम क्या होगा। अल्लाह ने फ़रमाया: "और निश्चय ही तुझ पर मेरी लानत है — यानी मेरी रहमत से पूर्ण निष्कासन और मेरी ओर से फटकार — उस दिन तक जब प्रतिशोध का दिन आएगा, यानी क़ियामत तक।" यह लानत केवल दुनिया तक सीमित नहीं है, बल्कि आख़िरत तक जारी रहेगी, जहाँ उसे जहन्नम की आग में हमेशा के लिए डाला जाएगा।

यह आयत हमें एक बहुत बड़ा सबक़ सिखाती है: घमंड और अहंकार इंसान को अल्लाह की रहमत से महरूम (वंचित) कर सकता है। शैतान ने अपनी बड़ाई और ख़ुद को बेहतर समझने की वजह से अल्लाह के हुक्म की अवहेलना की, और नतीजा यह हुआ कि वह हमेशा के लिए अल्लाह की लानत का शिकार हो गया। यह हमारे लिए एक चेतावनी है कि हम कभी भी अपने अमल, इल्म, या हैसियत पर घमंड न करें, क्योंकि घमंड वह बीमारी है जो इंसान को सीधे रास्ते से भटका देती है।

इस आयत से हमें यह भी पता चलता है कि अल्लाह की लानत का मतलब सिर्फ़ गुस्सा नहीं है, बल्कि यह उसकी रहमत, मेहरबानी और हिदायत से पूर्ण निष्कासन है। जिस पर अल्लाह की लानत हो, उसके लिए दुनिया और आख़िरत दोनों में कोई भलाई नहीं है। इसलिए हमें हमेशा अल्लाह की रहमत के तलबगार रहना चाहिए और उसके हुक्मों के आगे सर झुकाना चाहिए, क्योंकि अल्लाह की रहमत उन्हीं को मिलती है जो उसके आगे झुकते हैं, उसकी इबादत करते हैं और उसके रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की पैरवी करते हैं। यही वह रास्ता है जो हमें जहन्नम से बचाकर जन्नत की तरफ ले जाता है, जहाँ हमेशा की खुशियाँ और अल्लाह की रज़ा हासिल होती है।



📜 आयत 76-80 — साद

76قَالَ أَنَا خَيْرٌ مِّنْهُ ۖ خَلَقْتَنِي مِن نَّارٍ وَخَلَقْتَهُ مِن طِينٍ
इबलीस बोल उठा कि मैं उससे बेहतर हूँ तूने मुझे आग से पैदा किया और इसको तूने गीली मिट्टी से पैदा किया
77قَالَ فَاخْرُجْ مِنْهَا فَإِنَّكَ رَجِيمٌ
(कहाँ आग कहाँ मिट्टी) खुदा ने फरमाया कि तू यहाँ से निकल (दूर हो) तू यक़ीनी मरदूद है
78وَإِنَّ عَلَيْكَ لَعْنَتِي إِلَىٰ يَوْمِ الدِّينِ
और तुझ पर रोज़ जज़ा (क़यामत) तक मेरी फिटकार पड़ा करेगी
79قَالَ رَبِّ فَأَنظِرْنِي إِلَىٰ يَوْمِ يُبْعَثُونَ
शैतान ने अर्ज़ की परवरदिगार तू मुझे उस दिन तक की मोहलत अता कर जिसमें सब लोग (दोबारा) उठा खड़े किए जायेंगे
80قَالَ فَإِنَّكَ مِنَ الْمُنظَرِينَ
फरमाया तुझे एक वक्त मुअय्यन के दिन तक की मोहलत दी गयी
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अनुवाद — साद 78

सूरा साद आयत 78 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और तुझ पर रोज़ जज़ा (क़यामत) तक मेरी फिटकार पड़ा…

सूरा आयत 78/88 — साद ص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: साद सुनें, साद अनुवाद, साद mp3, साद pdf. आयत 76–80. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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