अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- اشْمَأَزَّتْ: क्रोधित होना, घृणा करना, जी घबराना, सिकुड़ जाना।
- يَسْتَبْشِرُونَ: खुश होना, प्रसन्नता का इज़हार करना, आनंदित होना।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन लोगों की मानसिकता और दिल की हालत को उजागर करती है जो आख़िरत (परलोक) पर ईमान नहीं रखते। जब अकेले अल्लाह का ज़िक्र किया जाता है—यानी जब उसकी एकता (तौहीद) का उल्लेख होता है और उसके साथ किसी को साझीदार नहीं बताया जाता—तो उनके दिल सिकुड़ जाते हैं, घृणा और क्रोध से भर जाते हैं। उन्हें यह बात बर्दाश्त नहीं होती कि केवल अल्लाह ही पूजा के योग्य है, क्योंकि यह उनके अहंकार और उनकी मूर्तियों के प्रति लगाव के खिलाफ़ जाती है।
लेकिन जब उनके तथाकथित देवताओं—चाहे वे मूर्तियाँ हों, पत्थर हों, या अन्य चीज़ें जिन्हें वे अल्लाह के सिवा पूजते हैं—का ज़िक्र किया जाता है, तो वे अचानक खुशी से झूम उठते हैं, उनके चेहरे खिल जाते हैं और वे प्रसन्नता का इज़हार करने लगते हैं। यह उनकी हालत की विडंबना है कि सच्चे मालिक और रज़्ज़ाक़ (रोज़ी देने वाले) का नाम सुनकर वे नफ़रत करते हैं, और बेजान मूर्तियों का नाम सुनकर खुश होते हैं।
यह आयत हमें बताती है कि ईमान और कुफ़्र के बीच सबसे बड़ा फ़र्क़ यही है—मोमिन का दिल अल्लाह के ज़िक्र से शांति और सुकून पाता है, जबकि काफ़िर का दिल उससे घृणा करता है। यह उन लोगों की गिरी हुई मानसिकता को दर्शाता है जिन्होंने सत्य को ठुकरा दिया और अपनी मनमानी इच्छाओं को अपना देवता बना लिया।
दावती पहलू:
इस आयत से हमें सबक़ लेना चाहिए कि हम अपने दिलों को अल्लाह के ज़िक्र से जोड़ें। जब हम अल्लाह का नाम लेते हैं, तो हमारे दिलों को सुकून मिलना चाहिए, क्योंकि अल्लाह ही असली ख़ुशी और शांति का स्रोत है। यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि हम उन लोगों की तरह न बनें जो सत्य से नफ़रत करते हैं और झूठ से मुहब्बत रखते हैं। बल्कि हमें उन लोगों में से होना चाहिए जिनके दिल अल्लाह के ज़िक्र से नरम होते हैं, उसकी याद में आंसू बहाते हैं, और उसकी एकता पर गर्व महसूस करते हैं। याद रखिए, जो लोग आख़िरत पर ईमान रखते हैं, उनके दिल अल्लाह के ज़िक्र से प्रसन्न होते हैं, और यही सच्ची कामयाबी की निशानी है।
📜 आयत 43-47 — अज़-ज़ुमर
अनुवाद — अज़-ज़ुमर 45
सूरा अज़-ज़ुमर आयत 45 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जब सिर्फ अल्लाह का ज़िक्र किया जाता है तो…सूरा आयत 45/75 — अज़-ज़ुमर الزمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ुमर सुनें, अज़-ज़ुमर अनुवाद, अज़-ज़ुमर mp3, अज़-ज़ुमर pdf. आयत 43–47. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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