Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الشَّفَاعَةُ (शफ़ाअत): सिफ़ारिश, किसी के लिए क्षमा या भलाई की प्रार्थना करना।
- جَمِيعًا (जमीअन): पूर्ण रूप से, सब कुछ।
- مُلْكُ (मुल्क): राज्य, स्वामित्व, अधिकार।
- تُرْجَعُونَ (तुरजऊन): तुम लौटाए जाओगे।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! इन मुशरिकों से कह दीजिए कि शफ़ाअत (सिफ़ारिश) का पूरा अधिकार केवल अल्लाह ही को है। कोई भी व्यक्ति, चाहे वह नबी हो या फरिश्ता या कोई और बुज़ुर्ग, अल्लाह की अनुमति के बिना किसी की सिफ़ारिश नहीं कर सकता। यह अधिकार पूर्ण रूप से अल्लाह के हाथ में है, और वही तय करेगा कि किसके लिए सिफ़ारिश की जाएगी और किसे माफ़ किया जाएगा।
यह इसलिए है क्योंकि आसमानों और ज़मीन का पूरा राज्य अकेले अल्लाह ही का है। वही सब कुछ चलाता है, वही सब कुछ नियंत्रित करता है। जब सब कुछ उसी का है, तो फिर उसके सिवा किसी और से सिफ़ारिश की उम्मीद क्यों रखी जाए? ये मूर्तियाँ और झूठे देवता जिन्हें तुम पुकारते हो, उनके पास तो कुछ भी नहीं है, न वे किसी को नुकसान पहुँचा सकते हैं और न ही किसी को फ़ायदा।
फिर ऐ लोगों! तुम सबको एक दिन अल्लाह की ओर लौटना है। मरने के बाद तुम क़ब्रों से उठाए जाओगे और हिसाब के लिए अल्लाह के सामने पेश किए जाओगे। वहाँ वह तुम्हारे अच्छे और बुरे सभी कर्मों का हिसाब लेगा और तुम्हें तुम्हारे किए का पूरा बदला देगा।
तो फिर क्यों न तुम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इबादत और उसकी रज़ा के लिए समर्पित कर दो? क्यों न तुम उसी से मदद माँगो और उसी से शफ़ाअत की उम्मीद रखो? याद रखो, जो व्यक्ति अल्लाह पर भरोसा करता है और उसी की ओर रुजू करता है, अल्लाह उसे कभी निराश नहीं करता। वह उसके लिए रास्ते खोलता है और उसे अपनी रहमत से नवाज़ता है। इसलिए अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इबादत में बिताओ, ताकि उस दिन तुम्हें शर्मिंदा न होना पड़े और तुम जन्नत की नेमतों से हमेशा के लिए लाभान्वित हो सको।
📜 आयत 42-46 — सूरा अज़-ज़ुमर
अनुवाद — अज़-ज़ुमर 44
सूरा अज़-ज़ुमर आयत 44 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (तो भी सिफारिशी बनाओगे) तुम कह दो कि सारी सिफारिश…सूरा आयत 44/75 — सूरा अज़-ज़ुमर الزمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अज़-ज़ुमर सुनें, सूरा अज़-ज़ुमर अनुवाद, सूरा अज़-ज़ुमर mp3, सूरा अज़-ज़ुमर pdf. आयत 42–46. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अज़-ज़ुमर
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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