Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- अहसन – सबसे अच्छा, सबसे उत्तम
- उन्ज़िला – उतारा गया
- बग़तन – अचानक, एकाएक
- ला तश'उरून – तुम्हें इसका एहसास भी नहीं होगा
तफ़सीर:
अल्लाह तआला अपने बंदों से बड़ी ही मुहब्बत और शफ़्क़त के साथ फ़रमा रहा है कि उस चीज़ की पैरवी करो जो तुम्हारे रब की तरफ़ से तुम्हारे पास उतारी गई है, और वह है यह क़ुरआन-ए-करीम। यह क़ुरआन ही वह बेहतरीन किताब है जो अल्लाह ने अपने रसूल ﷺ पर नाज़िल की है। इसकी हर बात भलाई और हिदायत से भरी हुई है। इसलिए इसके हुक्मों पर अमल करो और इसकी मना की हुई चीज़ों से बचो।
यह पैरवी और अमल उस वक़्त से पहले कर लो, जब तक तुम्हारे पास अज़ाब न आ जाए। क्योंकि अल्लाह का अज़ाब जब आता है तो अचानक आता है, बग़ैर किसी पेशीनगी के। लोग अपने दुनियावी कामों और मशग़लियों में ऐसे डूबे होते हैं कि उन्हें इसका ज़रा भी एहसास नहीं होता कि अज़ाब कब आ जाएगा। जब वह आ जाता है, तो न तो तौबा का मौक़ा मिलता है और न ही कोई मदद पहुँचती है।
यह आयत हमें बड़ी अहम नसीहत देती है कि हमें क़ुरआन को सिर्फ़ पढ़ने और सजाने तक ही सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उस पर अमल करना चाहिए। क़ुरआन की तालीमात ही वह रास्ता है जो हमें दुनिया और आख़िरत दोनों की भलाई तक पहुँचाती है। जो शख्स क़ुरआन की पैरवी करता है, वह कभी गुमराह नहीं हो सकता और न ही उसे किसी बुराई का डर होता है।
प्यारे भाइयो और बहनो! यह मौक़ा हमारे पास आज है, कल का हमें कोई भरोसा नहीं। मौत और अज़ाब का वक़्त किसी को मालूम नहीं। इसलिए आज ही अपनी ज़िंदगी को क़ुरआन के नियमों के मुताबिक ढाल लें। क़ुरआन की हर आयत हमारे लिए रहनुमा है, हर हुक्म हमारी भलाई के लिए है। अल्लाह तआला ने क़ुरआन को "अहसन" (सबसे अच्छा) कहकर यह बताया है कि इससे बेहतर कोई रास्ता, कोई ज़िंदगी का तरीक़ा और कोई हिदायत नहीं है।
अल्लाह से दुआ है कि वह हमें क़ुरआन को समझने, उस पर अमल करने और उसे अपनी ज़िंदगी में नफ़ाज़ देने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 53-57 — सूरा अज़-ज़ुमर
अनुवाद — अज़-ज़ुमर 55
सूरा अज़-ज़ुमर आयत 55 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जो जो अच्छी बातें तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से…सूरा आयत 55/75 — सूरा अज़-ज़ुमर الزمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अज़-ज़ुमर सुनें, सूरा अज़-ज़ुमर अनुवाद, सूरा अज़-ज़ुमर mp3, सूरा अज़-ज़ुमर pdf. आयत 53–57. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अज़-ज़ुमर
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


