अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- هَدَانِي: मुझे मार्गदर्शन देता, मुझे सही रास्ता दिखाता
- الْمُتَّقِينَ: परहेज़गार, डरने वाले (अल्लाह से डरकर गुनाहों से बचने वाले)
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उस हालत का वर्णन कर रही है जो क़यामत के दिन कुछ लोगों की होगी। वे लोग जिन्होंने दुनिया में अल्लाह के हुक्मों को नहीं माना और गुनाहों में डूबे रहे, जब वे अज़ाब देखेंगे तो अफ़सोस और पछतावे के मारे कहेंगे: "काश! अल्लाह ने मुझे हिदायत दी होती तो मैं भी उन परहेज़गारों में से होता जो उसके अज़ाब से डरते हैं और उसकी इबादत करते हैं।"
यहाँ अल्लाह तआला हमें बता रहे हैं कि क़यामत के दिन कोई भी बहाना काम नहीं आएगा। कुछ लोग कहेंगे कि अगर अल्लाह चाहता तो हमें हिदायत देता, लेकिन यह सिर्फ एक झूठा बहाना है। क्योंकि अल्लाह ने हर इंसान को अक़्ल दी है, रसूल भेजे हैं, किताबें उतारी हैं और सही रास्ता दिखाया है। हिदायत का ज़रिया तो मौजूद था, लेकिन उन्होंने खुद उसे अपनाना नहीं चाहा।
अल्लाह तआला ने इंसान को आज़ादी दी है कि वह चाहे तो सही रास्ता अपनाए और चाहे तो गलत। हिदायत का दरवाज़ा हर किसी के लिए खुला है। जो लोग सच्चे दिल से अल्लाह की तरफ रुजू करते हैं, अल्लाह उनके दिलों में हिदायत की रोशनी डाल देता है। लेकिन जो लोग खुद ही अंधेरा चुनते हैं, वे क़यामत के दिन यह बहाना नहीं बना सकते कि हमें हिदायत नहीं मिली।
यह आयत हमें सिखाती है कि हमें आज ही अपनी ज़िंदगी को सुधार लेना चाहिए। कल का इंतज़ार नहीं करना चाहिए। क्योंकि जब मौत आ जाएगी या क़यामत आ जाएगी, तो पछतावे का कोई फायदा नहीं होगा। हमें अल्लाह का शुक्र अदा करना चाहिए कि उसने हमें मुसलमान बनाया और हमें सही रास्ता दिखाया। हमें अपने उन भाइयों के लिए भी दुआ करनी चाहिए जो अभी हिदायत से महरूम हैं, कि अल्लाह उन्हें भी सीधा रास्ता दिखाए।
याद रखिए! अल्लाह की रहमत बहुत वसी (व्यापक) है। जो भी सच्चे दिल से तौबा करके अल्लाह की तरफ लौटता है, अल्लाह उसे गले लगा लेता है। इसलिए आज ही अपने अंदर तक़वा (परहेज़गारी) पैदा करें, नमाज़ क़ायम करें, गुनाहों से बचें और अल्लाह की इबादत में मशगूल रहें। यही वह रास्ता है जो हमें जहन्नुम की आग से बचाकर जन्नत की तरफ ले जाएगा।
📜 आयत 55-59 — अज़-ज़ुमर
अनुवाद — अज़-ज़ुमर 57
सूरा अज़-ज़ुमर आयत 57 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : या ये कहने लगे कि अगर ख़ुदा मेरी हिदायत करता…सूरा आयत 57/75 — अज़-ज़ुमर الزمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ुमर सुनें, अज़-ज़ुमर अनुवाद, अज़-ज़ुमर mp3, अज़-ज़ुमर pdf. आयत 55–59. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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