Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- कर्रतन (कर्रा): दुनिया में वापस लौटना, दोबारा जीवन पाना।
- मुहसिनीन: नेकी करने वाले, अल्लाह की इबादत और उसके आदेशों का पालन करने वाले।
तफ़सीर:
यह आयत उस हालत का वर्णन कर रही है जब इंसान आख़िरत में अल्लाह का अज़ाब (यातना) अपनी आँखों से देख लेगा। उस वक़्त वह हैरान और पछतावे में डूबा हुआ कहेगा: "काश! मुझे एक बार फिर दुनिया में लौटने का मौक़ा मिलता, तो मैं नेकियाँ करता, अल्लाह की इबादत करता और उन अच्छे लोगों में शामिल होता जिन्होंने अपने रब की आज्ञा का पालन किया और उसकी राह में भलाई के काम किए।"
लेकिन यह तमन्ना उस वक़्त बिल्कुल बेकार होगी, क्योंकि मौका हाथ से निकल चुका होगा। यह वही हालत है जब इंसान को अपनी गलतियों का एहसास होता है, लेकिन पछतावे का वक़्त गुज़र चुका होता है। अल्लाह तआला ने यह बात इसलिए बयान की ताकि हम दुनिया में रहते हुए ही अपनी ज़िंदगी को सुधार लें, और उस दिन की शर्मिंदगी और पछतावे से बचें।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की रहमत और मौका हमेशा नहीं मिलता। जो आज नेकी कर सकता है, उसे कल पर टालना नहीं चाहिए। अल्लाह ने हमें दुनिया में भेजा है ताकि हम उसकी इबादत करें, उसके आदेशों का पालन करें और अपने जीवन को नेकियों से भर दें। जो लोग ऐसा करते हैं, वे क़ियामत के दिन किसी पछतावे में नहीं होंगे, बल्कि उन्हें अल्लाह की जन्नत और उसकी खुशी मिलेगी।
इसलिए, प्यारे भाइयों और बहनों! आज ही का दिन है अपनी ज़िंदगी को बदलने का। अल्लाह की राह में कदम बढ़ाएँ, नमाज़ की पाबंदी करें, अच्छे काम करें और बुराइयों से बचें। याद रखें, यह दुनिया आज़माइश की जगह है, और आख़िरत में हमें अपने कर्मों का फल मिलेगा। अल्लाह हम सबको उस दिन की शर्मिंदगी से बचाए और हमें नेक बंदों में शामिल करे। आमीन।
📜 आयत 56-60 — सूरा अज़-ज़ुमर
अनुवाद — अज़-ज़ुमर 58
सूरा अज़-ज़ुमर आयत 58 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : या जब अज़ाब को (आते) देखें तो कहने लगे कि…सूरा आयत 58/75 — सूरा अज़-ज़ुमर الزمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अज़-ज़ुमर सुनें, सूरा अज़-ज़ुमर अनुवाद, सूरा अज़-ज़ुमर mp3, सूरा अज़-ज़ुमर pdf. आयत 56–60. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अज़-ज़ुमर
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


