Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- وُفِّيَتْ – पूरा-पूरा दिया गया, बदला पूरा चुका दिया गया।
- كُلُّ نَفْسٍ – हर एक प्राणी, हर एक व्यक्ति।
- مَّا عَمِلَتْ – जो कुछ उसने किया (अच्छा या बुरा)।
- وَهُوَ أَعْلَمُ – और वह (अल्लाह) सबसे अधिक जानने वाला है।
- بِمَا يَفْعَلُونَ – उसके बारे में जो वे करते हैं।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत क़यामत के दिन के उस महान न्याय का वर्णन कर रही है, जब अल्लाह तआला हर एक व्यक्ति को उसके कर्मों का पूरा-पूरा बदला देंगे। कोई भी अच्छा या बुरा काम, चाहे वह कितना ही छोटा या बड़ा हो, उसका हिसाब रखा जाएगा और हर व्यक्ति को उसके किए का पूरा फल मिलेगा। यह अल्लाह का पूर्ण न्याय है, जिसमें कोई कमी नहीं होगी, न किसी के साथ कोई ज़ुल्म होगा।
अल्लाह तआला को हर चीज़ का इल्म है। उसे किसी गवाह या लेखक की ज़रूरत नहीं, क्योंकि वह खुद हर चीज़ को जानता है — जो लोगों ने खुलेआम किया और जो छिपकर किया, जो उन्होंने सोचा और जो उन्होंने अमल में लाया। उसके इल्म से कोई चीज़ छिपी नहीं है, न धरती में और न आसमान में।
यह आयत हमें एक बहुत बड़ी सच्चाई की याद दिलाती है: हमारा हर अमल, हर बात, हर नीयत — सब कुछ अल्लाह के सामने है। यदि हम अच्छा करेंगे, तो हमें अच्छा बदला मिलेगा, और यदि बुरा करेंगे, तो उसका सामना करना पड़ेगा। यह अल्लाह का वादा है, और अल्लाह का वादा कभी नहीं टूटता।
इस आयत में हमारे लिए एक प्यारा संदेश है: अल्लाह न्याय करने वाला है, लेकिन वह रहम करने वाला भी है। जो लोग दुनिया में नेकी करते हैं, अल्लाह उन्हें उनकी नेकी का पूरा इनाम देंगे, और जो गुनाह करते हैं, उन्हें उनके गुनाह का अंजाम भुगतना होगा। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के अनुसार बनाएं, नेक काम करें, बुराई से बचें, और याद रखें कि हमारा रब हमेशा हमें देख रहा है और हमारे हर अमल का हिसाब रख रहा है।
यह आयत हमें उम्मीद भी देती है और डर भी — उम्मीद इसलिए कि अल्लाह न्यायी है और किसी की नेकी को बेकार नहीं जाने देगा, और डर इसलिए कि हमें अपने गुनाहों से तौबा करना चाहिए और अल्लाह की रहमत की तरफ लौटना चाहिए। अल्लाह तआला हम सबको सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 68-72 — सूरा अज़-ज़ुमर
अनुवाद — अज़-ज़ुमर 70
सूरा अज़-ज़ुमर आयत 70 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जिस शख्स ने जैसा किया हो उसे उसका पूरा…सूरा आयत 70/75 — सूरा अज़-ज़ुमर الزمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अज़-ज़ुमर सुनें, सूरा अज़-ज़ुमर अनुवाद, सूरा अज़-ज़ुमर mp3, सूरा अज़-ज़ुमर pdf. आयत 68–72. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अज़-ज़ुमर
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


