अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ (معاني الكلمات):
- لَٰكِنِ – बल्कि, इसके विपरीत (यहाँ पर यह विरोध के लिए नहीं, बल्कि तर्क को मज़बूत करने के लिए आया है)।
- يَشْهَدُ – गवाही देता है, साक्षी होता है।
- أَنزَلَهُ بِعِلْمِهِ – उसे अपने ज्ञान के साथ उतारा, अर्थात वह सब कुछ जानता हुआ जो उतारा गया।
- وَكَفَىٰ بِاللَّهِ شَهِيدًا – और अल्लाह का गवाह होना ही काफ़ी है।
तफ़सीर (व्याख्या):
प्रिय नबी! अगर यहूदी और दूसरे काफ़िर आपको झुठलाते हैं और आपके ऊपर उतारी गई वह़ी (प्रकाशना) को नहीं मानते, तो आप चिंतित न हों। अल्लाह तआला ख़ुद आपके सच्चे होने की गवाही देता है। उसने यह क़ुरआन आप पर अपने इल्म (ज्ञान) के साथ उतारा है—यानी वह पूरी तरह जानता है कि यह किताब क्यों उतारी गई, किस हिकमत (बुद्धिमत्ता) के साथ उतारी गई, और यह भी जानता है कि आप ही इसके सच्चे संदेशवाहक हैं, जो इसे बिल्कुल सही तरीके से लोगों तक पहुँचाएँगे।
यह केवल अल्लाह की गवाही ही नहीं है, बल्कि उसके फ़रिश्ते भी आपकी सच्चाई की गवाही देते हैं। वे उस वह़ी की सच्चाई पर साक्षी हैं जो आप पर उतारी गई। और जब अल्लाह ख़ुद गवाह हो, तो किसी और की गवाही की ज़रूरत ही नहीं रहती। अल्लाह की गवाही ही सबसे बड़ी और सबसे पूर्ण गवाही है।
यह आयत हमें सिखाती है कि सच्चाई पर चलने वाले को किसी के झुठलाने की परवाह नहीं करनी चाहिए, क्योंकि अल्लाह की गवाही और उसका समर्थन ही सबसे बड़ी ताक़त है। जब अल्लाह आपके साथ हो, तो दुनिया की सारी ताक़तें भी आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकतीं। यही विश्वास एक मुसलमान को हर मुश्किल में मज़बूत रखता है। अल्लाह हमें सच्चाई पर साबित-क़दम रहने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 164-168 — अन-निसा
अनुवाद — अन-निसा 166
सूरा आयत 166/176 — अन-निसा النساء (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-निसा सुनें, अन-निसा अनुवाद, अन-निसा mp3, अन-निसा pdf. आयत 164–168. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








