Wa in arattumustib daala zawjim makaana zawjin wa aataitum ihdaahunna qintaaran falaa taakhuzoo minhu shai`aa; ataakhuzoonahoo buhtaannanw wa ismam mubeenaa
📖 अनुवाद (हिंदी अर्थ)
📖 हिंदी अर्थ
और अगर तुम एक बीवी (को तलाक़ देकर उस) की जगह दूसरी बीवी (निकाह करके) तबदील करना चाहो तो अगरचे तुम उनमें से एक को (जिसे तलाक़ देना चाहते हो) बहुत सा माल दे चुके हो तो तुम उनमें से कुछ (वापस न लो) क्या तुम्हारी यही गैरत है कि (ख्वाह मा ख्वाह) बोहतान बॉधकर या सरीही जुर्म लगाकर वापस ले लो
🌐 Additional reference in اردو
🌐 اردو
اور اگر تم ایک عورت کو چھوڑ کر دوسری عورت کرنی چاہو۔ اور پہلی عورت کو بہت سال مال دے چکے ہو تو اس میں سے کچھ مت لینا۔ بھلا تم ناجائز طور پر اور صریح ظلم سے اپنا مال اس سے واپس لے لوگے؟
और अगर तुम एक बीवी (को तलाक़ देकर उस) की जगह दूसरी बीवी (निकाह करके) तबदील करना चाहो तो अगरचे तुम उनमें से एक को (जिसे तलाक़ देना चाहते हो) बहुत सा माल दे चुके हो तो तुम उनमें से कुछ (वापस न लो) क्या तुम्हारी यही गैरत है कि (ख्वाह मा ख्वाह) बोहतान बॉधकर या सरीही जुर्म लगाकर वापस ले लो
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
استبدال زوج مكان زوج: एक पत्नी को तलाक देकर उसके स्थान पर दूसरी पत्नी को लाना।
قنطار: बहुत बड़ी मात्रा में धन, अत्यधिक महर (दहेज)।
بهتان: झूठा आरोप लगाना, बदनाम करना, निराधार तोहमत।
إثم مبين: स्पष्ट और खुला पाप।
तफसीर (व्याख्या):
हे पतियों! यदि तुम एक पत्नी को तलाक देकर उसके स्थान पर दूसरी पत्नी लाने का इरादा करो, तो इसमें कोई गुनाह नहीं, बशर्ते कि तुम उनके अधिकारों का पालन करो। लेकिन यदि तुमने पहली पत्नी को महर के रूप में बहुत बड़ा धन (चाहे वह एक पहाड़ जितना सोना ही क्यों न हो) दे रखा हो, तो उसमें से कुछ भी वापस लेना तुम्हारे लिए हराम (अवैध) है। तुम्हें उस धन में से किसी भी चीज़ को लेने का कोई अधिकार नहीं है, चाहे तुम्हारा तलाक देने का कारण कुछ भी हो, जब तक कि वह स्वयं किसी स्पष्ट अश्लील कार्य में शामिल न हुई हो (जैसा कि पिछली आयत में उल्लेख हुआ)।
फिर अल्लाह तआला इस काम की भयावहता को स्पष्ट करते हुए पूछता है: "क्या तुम इसे झूठे आरोप लगाकर और स्पष्ट पाप के साथ लोगे?" यानी, क्या तुम उस महर को वापस लेने के लिए उस पर झूठे आरोप लगाओगे, उसे बदचलन या नाफ़रमान कहोगे, ताकि उसका हक़ छीन सको? यह एक बहुत बड़ा ज़ुल्म और खुला गुनाह है। यह पूछताछ डांट-फटकार और सख्त निंदा के रूप में है, जो दर्शाती है कि यह कार्य कितना घृणित और अल्लाह की नज़र में नापसंद है।
फ़ायदे (सीख):
इस्लाम ने महिलाओं के अधिकारों की रक्षा का पूरा प्रबंध किया है। उनका महर उनकी अपनी मिल्कियत है, जिसे कोई भी छीन नहीं सकता।
पति-पत्नी के बीच प्रेम और स्नेह के बाद अगर अलगाव हो भी जाए, तो भी बुराई और धोखे से काम नहीं लेना चाहिए।
इस्लाम झूठे आरोपों और बदनामी को सख्ती से मना करता है। किसी की इज़्ज़त से खेलना और उसका हक़ मारना बड़ा पाप है।
यह आयत मुसलमानों को सिखाती है कि धन और दुनियावी माल की लालच में कभी भी अल्लाह की नाराज़गी और पाप को नहीं अपनाना चाहिए।
इस्लामी शिक्षा में न्याय और ईमानदारी को इतनी अहमियत दी गई है कि तलाक जैसी कठिन स्थिति में भी इंसाफ़ और अच्छे अख़लाक़ का पालन करने का हुक्म दिया गया है।
और तौबा उन लोगों के लिये (मुफ़ीद) नहीं है जो (उम्र भर) तो बुरे काम करते रहे यहॉ तक कि जब उनमें से किसी के सर पर मौत आ खड़ी हुई तो कहने लगे अब मैंने तौबा की और (इसी तरह) उन लोगों के लिए (भी तौबा) मुफ़ीद नहीं है जो कुफ़्र ही की हालत में मर गये ऐसे ही लोगों के वास्ते हमने दर्दनाक अज़ाब तैयार कर रखा है
ऐ ईमानदारों तुमको ये जायज़ नहीं कि (अपने मुरिस की) औरतों से (निकाह कर) के (ख्वाह मा ख्वाह) ज़बरदस्ती वारिस बन जाओ और जो कुछ तुमने उन्हें (शौहर के तर्के से) दिया है उसमें से कुछ (आपस से कुछ वापस लेने की नीयत से) उन्हें दूसरे के साथ (निकाह करने से) न रोको हॉ जब वह खुल्लम खुल्ला कोई बदकारी करें तो अलबत्ता रोकने में (मज़ाएक़ा (हर्ज)नहीं) और बीवियों के साथ अच्छा सुलूक करते रहो और अगर तुम किसी वजह से उन्हें नापसन्द करो (तो भी सब्र करो क्योंकि) अजब नहीं कि किसी चीज़ को तुम नापसन्द करते हो और ख़ुदा तुम्हारे लिए उसमें बहुत बेहतरी कर दे
और अगर तुम एक बीवी (को तलाक़ देकर उस) की जगह दूसरी बीवी (निकाह करके) तबदील करना चाहो तो अगरचे तुम उनमें से एक को (जिसे तलाक़ देना चाहते हो) बहुत सा माल दे चुके हो तो तुम उनमें से कुछ (वापस न लो) क्या तुम्हारी यही गैरत है कि (ख्वाह मा ख्वाह) बोहतान बॉधकर या सरीही जुर्म लगाकर वापस ले लो
और जिन औरतों से तुम्हारे बाप दादाओं से (निकाह) जमाअ (अगरचे ज़िना) किया हो तुम उनसे निकाह न करो मगर जो हो चुका (वह तो हो चुका) वह बदकारी और ख़ुदा की नाख़ुशी की बात ज़रूर थी और बहुत बुरा तरीक़ा था
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