अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- بِمُعْجِزِينَ: अल्लाह को विवश करने वाले, उसकी पकड़ से बच निकलने वाले, या उसे थका देने वाले।
- وَلِيٍّ: मित्र, सहायक, संरक्षक जो आपके कामों को संभाले।
- نَصِيرٍ: मददगार जो आपको हानि से बचाए या विपत्ति को टाले।
तफसीर (व्याख्या):
ऐ लोगों! तुम अल्लाह को विवश करने वाले नहीं हो, न ही तुम उसकी पकड़ से भाग सकते हो। चाहे तुम धरती के किसी भी कोने में चले जाओ, अल्लाह की क़ुदरत और उसके इल्म से बाहर नहीं जा सकते। यदि वह तुम्हें सज़ा देना चाहे, तो तुम्हारे लिए कहीं कोई पनाहगाह नहीं, और न ही तुम उसकी पकड़ से बच सकते हो। इसके अलावा, अल्लाह के सिवा तुम्हारा कोई वली (संरक्षक) नहीं है जो तुम्हारे मामलों को संभाले और तुम्हें लाभ पहुँचाए, और न ही कोई नसीर (मददगार) है जो तुम्हें अल्लाह की ओर से आने वाली मुसीबतों और अज़ाब से बचा सके। इसलिए, जब सारा मामला अल्लाह के हाथ में है, तो उसी की ओर रुजू करो, उसी की इबादत करो और उसी से मदद माँगो। याद रखो, अल्लाह ही तुम्हारा सच्चा मित्र और सहायक है, और उसकी रहमत और मदद ही तुम्हारे लिए सबसे बड़ी नेमत है। उसकी ओर लौटो, उसके दीन को अपनाओ, और उसके रसूल (ﷺ) की सुन्नत पर चलो, ताकि दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी हासिल कर सको। अल्लाह तआला अपने बंदों पर बहुत मेहरबान है, और वह चाहता है कि तुम उसकी रहमत की तरफ लौटो, ताकि वह तुम्हें अपनी जन्नत और अपनी रज़ा से नवाज़े।
📜 आयत 29-33 — अश-शूरा
अनुवाद — अश-शूरा 31
सूरा अश-शूरा आयत 31 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और तुम लोग ज़मीन में (रह कर) तो ख़ुदा को…सूरा आयत 31/53 — अश-शूरा الشورى (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शूरा सुनें, अश-शूरा अनुवाद, अश-शूरा mp3, अश-शूरा pdf. आयत 29–33. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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