अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- اسْتَجِيبُوا: स्वीकार करो, आज्ञा का पालन करो।
- لَا مَرَدَّ لَهُ: जिसे कोई टाल न सके, जिसका कोई प्रतिकार न हो।
- مَلْجَإٍ: शरण स्थल, बचाव का ठिकाना।
- نَكِيرٍ: इनकार, अस्वीकार, (अपने कर्मों से) मुकरना।
तफसीर (व्याख्या):
ऐ लोगों! अपने रब की पुकार पर तुरंत लब्बैक कहो, उसके आदेशों का पालन करो और उसकी मनाही से बचो। यह काम आज ही कर लो, कल पर मत टालो, क्योंकि कल का भरोसा नहीं। वह दिन आने वाला है—क़ियामत का दिन—जिसे अल्लाह ने तय कर रखा है और जिसे कोई रोकने या टालने की ताकत नहीं रखता। जब वह दिन आ जाएगा, तो तुम्हारे पास न कोई छिपने की जगह होगी, न कोई सहारा, न कोई मददगार। तुम अपने किए गए गुनाहों से मुकर भी नहीं सकोगे, क्योंकि उस दिन तुम्हारे हाथ-पैर और ज़माना सब तुम्हारे खिलाफ गवाही देंगे। तुम्हारी ज़ुबान बंद हो जाएगी और तुम्हारे अपने अंग बोल उठेंगे। यह वह दिन होगा जब हर आदमी अपने किए का फल पाएगा—अच्छा हो तो अच्छा, बुरा हो तो बुरा।
यह आयत हमें एक बहुत बड़ी सीख देती है: काम को कल पर मत टालो। आज जो नेक काम कर सकते हो, आज ही कर लो। क्योंकि पता नहीं, कल हो या न हो। कितने लोग हैं जो सोचते हैं कि "अभी वक़्त है, बाद में तौबा कर लेंगे, बाद में नमाज़ पढ़ लेंगे, बाद में अच्छे काम कर लेंगे"—लेकिन मौत का कोई वक़्त तय नहीं। और जब मौत आ जाए, तो फिर पछताने के सिवा कुछ नहीं बचता। अल्लाह तआला बड़ा मेहरबान है कि वह हमें मौका दे रहा है, हमें बुला रहा है कि "आओ, मेरी तरफ आओ, मैं तुम्हें माफ कर दूंगा।" यह अल्लाह की रहमत है कि उसने हमें आगाह किया, हमें चेतावनी दी, ताकि हम संभल जाएं। कौन जानता है कि अगली सांस आए या न आए? इसलिए इसी पल को गनीमत समझो, इसी पल तौबा कर लो, इसी पल अपने रब की तरफ लौट जाओ। अल्लाह का दरवाजा खुला है, वह बुला रहा है—लेकिन याद रखो, यह दरवाजा हमेशा खुला नहीं रहेगा। जब वह दिन आ जाएगा, तो फिर दरवाजा बंद हो जाएगा और पछतावे के सिवा कुछ हाथ न आएगा।
यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि अल्लाह की राह में देरी करना शैतान का काम है। शैतान हमेशा कहता है, "जल्दी क्या है? अभी तो जवान हो, अभी तो वक़्त है, बाद में कर लेना।" लेकिन अक्लमंद वही है जो आज ही अपने रब की तरफ लौट आए, आज ही अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की राह में लगा दे। क्योंकि कल का भरोसा नहीं, और मौत का कोई ऐलान नहीं। अल्लाह हम सबको यह तौफीक दे कि हम उसकी पुकार पर तुरंत लब्बैक कहें और अपनी ज़िंदगी को उसकी राह में खर्च करें। आमीन।
📜 आयत 45-49 — अश-शूरा
अनुवाद — अश-शूरा 47
सूरा अश-शूरा आयत 47 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (लोगों) उस दिन के पहले जो ख़ुदा की तरफ से…सूरा आयत 47/53 — अश-शूरा الشورى (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शूरा सुनें, अश-शूरा अनुवाद, अश-शूरा mp3, अश-शूरा pdf. आयत 45–49. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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