Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَوْلِيَاءَ (औलिया): संरक्षक, सहायक, मित्र।
- الْوَلِيُّ (अल-वली): सच्चा संरक्षक, जो अपने बंदों का कार्य संभालने वाला और उनकी सहायता करने वाला हो।
- يُحْيِي الْمَوْتَىٰ (युह्यिल-मौता): मृतकों को जीवित करता है (पुनरुत्थान के दिन)।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन लोगों की स्थिति को स्पष्ट करती है जो अल्लाह को छोड़कर दूसरों को अपना संरक्षक और सहायक बनाते हैं। अल्लाह तआला फ़रमाता है: क्या इन मुशरिकों ने अल्लाह के सिवा दूसरों को अपना वली (संरक्षक) बना लिया है? यह उनकी बड़ी भूल है, क्योंकि सच्चा वली तो केवल अल्लाह ही है। वही है जो अपने बंदों की देखभाल करता है, उन्हें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है, और अपने ईमानवाले बंदों की हर मामले में मदद करता है।
अल्लाह के सिवा जिन्हें ये लोग अपना वली बनाते हैं—चाहे वे मूर्तियाँ हों, लोग हों या कोई और चीज़—वे न तो कोई लाभ पहुँचा सकते हैं और न ही कोई हानि। वे न तो किसी की मदद कर सकते हैं और न ही किसी को बचा सकते हैं। अल्लाह ही वह है जो मृतकों को जीवित करेगा, उन्हें क़ब्रों से उठाएगा और हिसाब के लिए इकट्ठा करेगा। वह हर चीज़ पर पूर्ण शक्ति रखता है—उसकी कुदरत (शक्ति) से कोई चीज़ बाहर नहीं है।
यह आयत हमें सिखाती है कि हमें अपना पूरा भरोसा और सहारा केवल अल्लाह पर रखना चाहिए। जब हम अल्लाह को अपना वली बना लेते हैं, तो हमें किसी और की ज़रूरत नहीं रहती। अल्लाह अपने बंदे की मदद करता है, उसे मुश्किलों से निकालता है, और उसे वह ताकत देता है जो कोई और नहीं दे सकता। यही सच्ची कामयाबी है—अल्लाह से जुड़ना और उसी पर भरोसा करना।
इस आयत में हमारे लिए एक बड़ी खुशखबरी भी है: अल्लाह मृतकों को जीवित करने की शक्ति रखता है, और यही उसकी कुदरत का सबूत है कि वह हर चीज़ पर क़ादिर है। जो अल्लाह पर भरोसा करता है, उसे कभी निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि अल्लाह की शक्ति असीमित है। वह हर मुश्किल को आसान कर सकता है, हर दुख को दूर कर सकता है, और हर दुआ को क़बूल कर सकता है।
तो आओ, हम अपने जीवन में अल्लाह को ही अपना वली बनाएँ, उसी की इबादत करें, उसी से मदद माँगें, और उसी पर भरोसा रखें। यही हमारी सच्ची भलाई और कामयाबी का रास्ता है। अल्लाह हमें इस तौफ़ीक़ (सफलता) को प्रदान करे। आमीन।
📜 आयत 7-11 — सूरा अश-शूरा
अनुवाद — अश-शूरा 9
सूरा अश-शूरा आयत 9 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क्या उन लोगों ने ख़ुदा के सिवा (दूसरे) कारसाज़ बनाए…सूरा आयत 9/53 — सूरा अश-शूरा الشورى (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अश-शूरा सुनें, सूरा अश-शूरा अनुवाद, सूरा अश-शूरा mp3, सूरा अश-शूरा pdf. आयत 7–11. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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