अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- لَمُنقَلِبُونَ: हम लौटकर जाने वाले हैं, पलटकर अपने रब की ओर जाने वाले हैं।
तफ़सीर:
जब इंसान किसी सवारी (जानवर, गाड़ी, जहाज़ या किसी भी वाहन) पर सवार होता है, तो उसे चाहिए कि वह अल्लाह की उस महान नेमत को याद करे जिसने इन चीज़ों को उसके वश में कर दिया। यह अल्लाह ही की देन है कि हम इन सवारियों का इस्तेमाल कर पाते हैं, वरना ये हमारे बस की बात नहीं थी। इसलिए हमें कहना चाहिए: "अल-हम्दु लिल्लाह जिसने इसे हमारे लिए वश में किया और हम इसे अपने बल पर नहीं पा सकते थे।"
फिर इसके साथ ही हमें यह भी याद रखना चाहिए कि जिस तरह हम इन सवारियों पर सवार होकर एक जगह से दूसरी जगह जाते हैं, उसी तरह हमें एक दिन इस दुनिया से रुख़सत होकर अपने रब की ओर लौटना है। यह जीवन का सफ़र है, और इस सफ़र की मंज़िल अल्लाह की बारगाह है। मौत के बाद हम सब उसी की ओर पलटकर जाने वाले हैं, और वहाँ हमसे हमारे आमाल का हिसाब लिया जाएगा।
यह आयत हमें सिखाती है कि जब भी हम किसी नेमत का इस्तेमाल करें, तो उसके देने वाले को याद करें और उसका शुक्र अदा करें। साथ ही यह भी याद रखें कि यह दुनिया हमारा आख़िरी ठिकाना नहीं, बल्कि हमें एक दिन अपने रब की ओर लौटकर जाना है। यही ईमान की निशानी है कि इंसान हर हाल में अल्लाह को याद रखे — नेमत के वक़्त भी और मुसीबत के वक़्त भी।
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह ही असली नेमत देने वाला है, और वही हमारा रब है। उसी की इबादत करनी चाहिए और उसी की तरफ़ लौटना है। यही हमारी कामयाबी है कि हम इस दुनिया में अल्लाह की इबादत करें और उसकी नेमतों का शुक्र अदा करें, ताकि आख़िरत में उसकी रहमत और जन्नत के हक़दार बनें।
📜 आयत 12-16 — अज़-ज़ुखरुफ
अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 14
सूरा अज़-ज़ुखरुफ आयत 14 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमको तो यक़ीनन अपने परवरदिगार की तरफ लौट कर…सूरा आयत 14/89 — अज़-ज़ुखरुफ الزخرف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ुखरुफ सुनें, अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, अज़-ज़ुखरुफ mp3, अज़-ज़ुखरुफ pdf. आयत 12–16. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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