अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- बिल-बय्यिनात: स्पष्ट प्रमाण और चमत्कार।
- बिल-हिक्मत: नबुव्वत (पैग़म्बरी) और ईश्वरीय ज्ञान।
- तख़्तलिफ़ून: जिसमें तुम मतभेद करते हो।
तफ़सीर:
जब हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) बनी इसराइल के पास स्पष्ट प्रमाणों और चमत्कारों के साथ आए, तो उन्होंने अपनी क़ौम से कहा: "मैं तुम्हारे पास अल्लाह की ओर से हिक्मत (नबुव्वत और ईश्वरीय ज्ञान) लेकर आया हूँ, और मेरा एक उद्देश्य यह भी है कि मैं तुम्हें उन बातों में से कुछ बातें स्पष्ट कर दूँ जिनमें तुम मतभेद करते हो।" यानी धार्मिक मामलों में जो असहमतियाँ और उलझनें तुम्हारे बीच पैदा हो गई थीं, मैं उनमें से कुछ का समाधान और सही रास्ता बताने आया हूँ। इसलिए अल्लाह से डरो, उसके आदेशों का पालन करो और उसकी मनाही से बचो, और मेरी आज्ञा का पालन करो, क्योंकि मैं तुम्हें अल्लाह की तरफ़ बुलाता हूँ।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह के पैग़म्बर हमेशा लोगों को एकता, सच्चाई और ईश्वरीय आज्ञाकारिता की ओर बुलाते रहे हैं। हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) ने अपनी उम्मत को तक़वा (अल्लाह का डर) और अपनी इताअत (आज्ञापालन) की नसीहत दी, क्योंकि यही दोनों चीज़ें इंसान की भलाई और सफलता की कुंजी हैं। आज भी हमारे लिए यही रास्ता सबसे बेहतरीन है — अल्लाह से डरना, उसके हुक्मों पर चलना और उसके रसूल की सुन्नत को अपनाना। यही वह रास्ता है जो हमें दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी देता है।
📜 आयत 61-65 — अज़-ज़ुखरुफ
अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 63
सूरा अज़-ज़ुखरुफ आयत 63 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जब ईसा वाज़ेए व रौशन मौजिज़े लेकर आये तो…सूरा आयत 63/89 — अज़-ज़ुखरुफ الزخرف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ुखरुफ सुनें, अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, अज़-ज़ुखरुफ mp3, अज़-ज़ुखरुफ pdf. आयत 61–65. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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