अज़-ज़ुखरुफ · 9/89
अनुवाद उच्चारण — अज़-ज़ुखरुफ
وَلَئِن سَأَلْتَهُم مَّنْ خَلَقَ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ لَيَقُولُنَّ خَلَقَهُنَّ الْعَزِيزُ الْعَلِيمُ ۝٩
Wa la`in sa altahum man khalaqas samaawaati wal arda la yaqoolunna khalaqa hunnal `Azeezul `Aleem
📖 हिंदी अर्थ
और (ऐ रसूल) अगर तुम उनसे पूछो कि सारे आसमान व ज़मीन को किसने पैदा किया तो वह ज़रूर कह देंगे कि उनको बड़े वाक़िफ़कार ज़बरदस्त (ख़ुदा ने) पैदा किया है
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • अल-अज़ीज़ (العزيز): वह शक्तिशाली जिसे कोई पराजित न कर सके, जो अपने साम्राज्य और ताकत में सबसे ऊपर हो।
  • अल-अलीम (العليم): वह जो हर चीज़ का पूर्ण ज्ञान रखता है, जिससे कोई बात छिपी न हो।

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ नबी! यदि आप इन मुशरिकीन (बहुदेववादियों) से पूछें कि आसमानों और ज़मीन को किसने पैदा किया है, तो वे बिना किसी हिचकिचाहट के कहेंगे कि इन्हें उस शक्तिशाली और सर्वज्ञाता ने पैदा किया है। वे इस सत्य को जानते हुए भी अपने झूठे देवताओं की पूजा करते हैं। उनका यह उत्तर उनके अपने दिलों पर गवाही देता है कि वे अल्लाह की क़ुदरत (शक्ति) और उसकी बनाई हुई इस विशाल सृष्टि को मानते हैं, फिर भी वे उसकी इबादत क्यों नहीं करते? यह उनकी नादानी और हठधर्मिता है।

यह आयत हमें सिखाती है कि हर इंसान के दिल में अल्लाह की पहचान की फ़ितरत (स्वाभाविक प्रवृत्ति) मौजूद है। जब कोई व्यक्ति इस कायनात (ब्रह्मांड) की ओर देखता है — इन विशाल आसमानों की ओर, जिनमें अनगिनत तारे और ग्रह हैं, और इस धरती की ओर, जो हमारे लिए बिछौना बनी है — तो उसका दिल गवाही देता है कि इन सबका एक बनाने वाला है। यही वह नुक़्ता है जहाँ से इंसान अपने रब की तरफ़ लौट सकता है।

दावती पहलू:

ऐ अल्लाह के बंदो! जिस शक्तिशाली और सर्वज्ञाता ने इतनी बड़ी कायनात को पैदा किया है, क्या वह तुम्हारी दुआओं को सुनने और तुम्हारी ज़रूरतों को पूरा करने पर क़ादिर (सक्षम) नहीं है? बेशक वही है। तो क्यों न हम अपने दिलों को उसी की तरफ़ मोड़ें, उसी से मदद माँगें, और उसी की इबादत में अपनी ज़िंदगी गुज़ारें? यही सच्ची कामयाबी है। जो इंसान अपने रब को पहचान लेता है और उसकी इबादत करता है, उसका दिल सुकून पाता है और उसकी ज़िंदगी में बरकत आती है। अल्लाह तआला हम सबको इस सच्चाई को समझने और उस पर अमल करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।

🎧 सुनें

📜 आयत 7-11 — अज़-ज़ुखरुफ

7وَمَا يَأْتِيهِم مِّن نَّبِيٍّ إِلَّا كَانُوا بِهِ يَسْتَهْزِئُونَ
और कोई पैग़म्बर उनके पास ऐसा नहीं आया जिससे इन लोगों ने ठट्ठे नहीं किए हो
8فَأَهْلَكْنَا أَشَدَّ مِنْهُم بَطْشًا وَمَضَىٰ مَثَلُ الْأَوَّلِينَ
तो उनमें से जो ज्यादा ज़ोरावर थे तो उनको हमने हलाक कर मारा और (दुनिया में) अगलों के अफ़साने जारी हो गए
9وَلَئِن سَأَلْتَهُم مَّنْ خَلَقَ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ لَيَقُولُنَّ خَلَقَهُنَّ الْعَزِيزُ الْعَلِيمُ
और (ऐ रसूल) अगर तुम उनसे पूछो कि सारे आसमान व ज़मीन को किसने पैदा किया तो वह ज़रूर कह देंगे कि उनको बड़े वाक़िफ़कार ज़बरदस्त (ख़ुदा ने) पैदा किया है
10الَّذِي جَعَلَ لَكُمُ الْأَرْضَ مَهْدًا وَجَعَلَ لَكُمْ فِيهَا سُبُلًا لَّعَلَّكُمْ تَهْتَدُونَ
जिसने तुम लोगों के वास्ते ज़मीन का बिछौना बनाया और (फिर) उसमें तुम्हारे नफ़े के लिए रास्ते बनाए ताकि तुम राह मालूम करो
11وَالَّذِي نَزَّلَ مِنَ السَّمَاءِ مَاءً بِقَدَرٍ فَأَنشَرْنَا بِهِ بَلْدَةً مَّيْتًا ۚ كَذَٰلِكَ تُخْرَجُونَ
और जिसने एक (मुनासिब) अन्दाजे क़े साथ आसमान से पानी बरसाया फिर हम ही ने उसके (ज़रिए) से मुर्दा (परती) शहर को ज़िन्दा (आबाद) किया उसी तरह तुम भी (क़यामत के दिन क़ब्रों से) निकाले जाओगे
अज़-ज़ुखरुफकुरान सूची
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मक्कीRevelation
9आयत

अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 9

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Tuesday, August 18, 2026

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