अद-दुखान · 19/59
अनुवाद उच्चारण — सूरा अद-दुखान
وَأَن لَّا تَعْلُوا عَلَى اللَّهِ ۖ إِنِّي آتِيكُم بِسُلْطَانٍ مُّبِينٍ ۝١٩
Wa al laa ta`loo `alal laahi innee aateekum bisultaanim mubeen
📖 हिंदी अर्थ
और ख़ुदा के सामने सरकशी न करो मैं तुम्हारे पास वाज़ेए व रौशन दलीलें ले कर आया हूँ

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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • لَا تَعْلُوا – अत्याचार मत करो, घमंड मत करो, सरकशी मत करो।
  • سُلْطَانٍ مُبِينٍ – स्पष्ट प्रमाण, खुला हुआ चमत्कार, वह दलील जो सच्चाई को उजागर कर दे।

तफ़सीर (व्याख्या):

हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) फ़िरऔन और उसकी क़ौम के सामने खड़े होकर उन्हें अल्लाह की तरफ़ बुला रहे थे। उन्होंने उस ज़ालिम हुक्मरान से कहा: "तुम अल्लाह पर सरकशी और घमंड मत करो, उसकी आज्ञा का उल्लंघन मत करो, और उसके बन्दों पर ज़ुल्म मत करो। मैं तुम्हारे पास अपनी रिसालत (पैग़म्बरी) का स्पष्ट प्रमाण लेकर आया हूँ।"

यह प्रमाण वे चमत्कार थे जो अल्लाह ने मूसा (अलैहिस्सलाम) के हाथों दिखाए — लाठी का अज़दहा बन जाना, हाथ का चमकना, और अन्य निशानियाँ। ये सब इस बात के गवाह थे कि मूसा (अलैहिस्सलाम) झूठे नहीं, बल्कि अल्लाह के सच्चे रसूल हैं।

इस आयत में हमारे लिए बड़ी सीख है — अल्लाह के सामने किसी को भी घमंड नहीं करना चाहिए। जो लोग सच्चाई को ठुकराते हैं और अपनी बड़ाई के कारण हक़ को नहीं मानते, वही अल्लाह पर सरकशी करते हैं। अल्लाह ने अपने रसूलों को स्पष्ट प्रमाणों के साथ भेजा ताकि लोगों के पास कोई बहाना न रहे।

आज भी हमारे पास सबसे बड़ा स्पष्ट प्रमाण क़ुरआन है — जो अपनी फ़साहत, बलाग़त, विज्ञान और भविष्यवाणियों से साबित करता है कि यह अल्लाह का कलाम है। जो इसे पढ़ता है, समझता है, और उस पर अमल करता है, वही सच्ची कामयाबी पाता है। अल्लाह हमें घमंड और सरकशी से बचाए और सच्चाई को क़बूल करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 17-21 — सूरा अद-दुखान

17۞ وَلَقَدْ فَتَنَّا قَبْلَهُمْ قَوْمَ فِرْعَوْنَ وَجَاءَهُمْ رَسُولٌ كَرِيمٌ
और उनसे पहले हमने क़ौमे फिरऔन की आज़माइश की और उनके पास एक आली क़दर पैग़म्बर (मूसा) आए
18أَنْ أَدُّوا إِلَيَّ عِبَادَ اللَّهِ ۖ إِنِّي لَكُمْ رَسُولٌ أَمِينٌ
(और कहा) कि ख़ुदा के बन्दों (बनी इसराईल) को मेरे हवाले कर दो मैं (ख़ुदा की तरफ से) तुम्हारा एक अमानतदार पैग़म्बर हूँ
19وَأَن لَّا تَعْلُوا عَلَى اللَّهِ ۖ إِنِّي آتِيكُم بِسُلْطَانٍ مُّبِينٍ
और ख़ुदा के सामने सरकशी न करो मैं तुम्हारे पास वाज़ेए व रौशन दलीलें ले कर आया हूँ
20وَإِنِّي عُذْتُ بِرَبِّي وَرَبِّكُمْ أَن تَرْجُمُونِ
और इस बात से कि तुम मुझे संगसार करो मैं अपने और तुम्हारे परवरदिगार (ख़ुदा) की पनाह मांगता हूँ
21وَإِن لَّمْ تُؤْمِنُوا لِي فَاعْتَزِلُونِ
और अगर तुम मुझ पर ईमान नहीं लाए तो तुम मुझसे अलग हो जाओ
अद-दुखानकुरान सूची
59आयत
मक्कीअवतरण स्थान
19आयत

अनुवाद — अद-दुखान 19

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Friday, October 2, 2026

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