अद-दुखान · 55/59
अनुवाद उच्चारण — अद-दुखान
يَدْعُونَ فِيهَا بِكُلِّ فَاكِهَةٍ آمِنِينَ ۝٥٥
Yad`oona feehaa bikulli faakihatin aamineen
📖 हिंदी अर्थ
वहाँ इत्मेनान से हर किस्म के मेवे मंगवा कर खायेंगे

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يَدْعُونَ – वे बुलाएँगे / माँगेंगे
  • فَاكِهَةٍ – फल
  • آمِنِينَ – निडर, सुरक्षित, किसी भी भय से मुक्त

व्याख्या:

यह आयत उन परहेज़गार और नेक बंदों के उस अद्भुत इनाम का वर्णन कर रही है जो अल्लाह तआला ने उनके लिए जन्नत में तैयार किया है। जब ये मुक़र्रब बंदे जन्नत में दाखिल होंगे, तो वे अपने ख़िदमतगारों (सेवकों) को बुलाएँगे और जो भी फल उनका दिल चाहेगा, वही उनके सामने पेश किया जाएगा। यह कोई एक या दो फल नहीं, बल्कि हर तरह का फल — जैसे अंगूर, अनार, खजूर, सेब, केला और वे सारे फल जिन्हें किसी आँख ने देखा हो, किसी कान ने सुना हो, या किसी दिल ने सोचा हो — सब कुछ उनके लिए मौजूद होगा।

सबसे खूबसूरत बात यह है कि वे آمِنِينَ (निडर) होंगे। यानी उन्हें कभी यह डर नहीं होगा कि ये फल खत्म हो जाएँगे, या इनका स्वाद बदल जाएगा, या इनसे कोई नुकसान पहुँचेगा। दुनिया में हम फल खाते हैं तो कई बार डर रहता है — कहीं यह खट्टा न हो, कहीं पका न हो, कहीं कीड़ा न लगा हो, या कहीं पेट में दर्द न कर दे। लेकिन जन्नत के फलों में यह सब खतरे नहीं। वहाँ हर फल अपने सबसे अच्छे रूप में, सबसे मीठे स्वाद में, और पूरी सुरक्षा के साथ मिलेगा। न उनका अंत होगा, न कोई कमी आएगी, और न ही किसी प्रकार का भय या चिंता होगी।

यह अल्लाह तआला का वह करम है जो उसने अपने नेक बंदों के लिए रखा है। जिसने दुनिया में अल्लाह के हुक्मों की पैरवी की और परहेज़गारी अपनाई, उसके लिए यही अज़ीम इनाम है। याद रखिए, जन्नत की नेअमतें सिर्फ खाने-पीने की चीज़ें नहीं, बल्कि वहाँ की हर चीज़ में सुकून, खुशी और हमेशा रहने वाली राहत है। अल्लाह तआला हम सबको जन्नत का हक़ीक़ी मज़ा चखने की तौफ़ीक़ दे और हमें उन बंदों में शामिल करे जो इस नेअमत के हक़दार हैं। आमीन।



📜 आयत 53-57 — अद-दुखान

53يَلْبَسُونَ مِن سُندُسٍ وَإِسْتَبْرَقٍ مُّتَقَابِلِينَ
रेशम की कभी बारीक़ और कभी दबीज़ पोशाकें पहने हुए एक दूसरे के आमने सामने बैठे होंगे
54كَذَٰلِكَ وَزَوَّجْنَاهُم بِحُورٍ عِينٍ
ऐसा ही होगा और हम बड़ी बड़ी ऑंखों वाली हूरों से उनके जोड़े लगा देंगे
55يَدْعُونَ فِيهَا بِكُلِّ فَاكِهَةٍ آمِنِينَ
वहाँ इत्मेनान से हर किस्म के मेवे मंगवा कर खायेंगे
56لَا يَذُوقُونَ فِيهَا الْمَوْتَ إِلَّا الْمَوْتَةَ الْأُولَىٰ ۖ وَوَقَاهُمْ عَذَابَ الْجَحِيمِ
वहाँ पहली दफ़ा की मौत के सिवा उनको मौत की तलख़ी चख़नी ही न पड़ेगी और ख़ुदा उनको दोज़ख़ के अज़ाब से महफूज़ रखेगा
57فَضْلًا مِّن رَّبِّكَ ۚ ذَٰلِكَ هُوَ الْفَوْزُ الْعَظِيمُ
(ये) तुम्हारे परवरदिगार का फज़ल है यही तो बड़ी कामयाबी है
अद-दुखानकुरान सूची
59आयत
मक्कीRevelation
55आयत

अनुवाद — अद-दुखान 55

सूरा अद-दुखान आयत 55 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वहाँ इत्मेनान से हर किस्म के मेवे मंगवा कर खायेंगे

सूरा आयत 55/59 — अद-दुखान الدخان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अद-दुखान सुनें, अद-दुखान अनुवाद, अद-दुखान mp3, अद-दुखान pdf. आयत 53–57. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए