अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَدْعُونَ – वे बुलाएँगे / माँगेंगे
- فَاكِهَةٍ – फल
- آمِنِينَ – निडर, सुरक्षित, किसी भी भय से मुक्त
व्याख्या:
यह आयत उन परहेज़गार और नेक बंदों के उस अद्भुत इनाम का वर्णन कर रही है जो अल्लाह तआला ने उनके लिए जन्नत में तैयार किया है। जब ये मुक़र्रब बंदे जन्नत में दाखिल होंगे, तो वे अपने ख़िदमतगारों (सेवकों) को बुलाएँगे और जो भी फल उनका दिल चाहेगा, वही उनके सामने पेश किया जाएगा। यह कोई एक या दो फल नहीं, बल्कि हर तरह का फल — जैसे अंगूर, अनार, खजूर, सेब, केला और वे सारे फल जिन्हें किसी आँख ने देखा हो, किसी कान ने सुना हो, या किसी दिल ने सोचा हो — सब कुछ उनके लिए मौजूद होगा।
सबसे खूबसूरत बात यह है कि वे آمِنِينَ (निडर) होंगे। यानी उन्हें कभी यह डर नहीं होगा कि ये फल खत्म हो जाएँगे, या इनका स्वाद बदल जाएगा, या इनसे कोई नुकसान पहुँचेगा। दुनिया में हम फल खाते हैं तो कई बार डर रहता है — कहीं यह खट्टा न हो, कहीं पका न हो, कहीं कीड़ा न लगा हो, या कहीं पेट में दर्द न कर दे। लेकिन जन्नत के फलों में यह सब खतरे नहीं। वहाँ हर फल अपने सबसे अच्छे रूप में, सबसे मीठे स्वाद में, और पूरी सुरक्षा के साथ मिलेगा। न उनका अंत होगा, न कोई कमी आएगी, और न ही किसी प्रकार का भय या चिंता होगी।
यह अल्लाह तआला का वह करम है जो उसने अपने नेक बंदों के लिए रखा है। जिसने दुनिया में अल्लाह के हुक्मों की पैरवी की और परहेज़गारी अपनाई, उसके लिए यही अज़ीम इनाम है। याद रखिए, जन्नत की नेअमतें सिर्फ खाने-पीने की चीज़ें नहीं, बल्कि वहाँ की हर चीज़ में सुकून, खुशी और हमेशा रहने वाली राहत है। अल्लाह तआला हम सबको जन्नत का हक़ीक़ी मज़ा चखने की तौफ़ीक़ दे और हमें उन बंदों में शामिल करे जो इस नेअमत के हक़दार हैं। आमीन।
📜 आयत 53-57 — सूरा अद-दुखान
अनुवाद — अद-दुखान 55
सूरा अद-दुखान आयत 55 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वहाँ इत्मेनान से हर किस्म के मेवे मंगवा कर खायेंगेसूरा आयत 55/59 — सूरा अद-दुखान الدخان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अद-दुखान सुनें, सूरा अद-दुखान अनुवाद, सूरा अद-दुखान mp3, सूरा अद-दुखान pdf. आयत 53–57. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 8, 2026
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