Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَعَنَهُمُ اللهُ: अल्लाह ने उन्हें अपनी रहमत से दूर कर दिया।
- فَأَصَمَّهُمْ: उनके कानों को सत्य सुनने से बहरा कर दिया।
- وَأَعْمَىٰ أَبْصَارَهُمْ: उनकी आँखों (दृष्टि) को अंधा कर दिया, यानी उनकी समझ और विवेक की आँखें बंद कर दीं।
तफसीर (व्याख्या):
ये वे लोग हैं जिन्हें अल्लाह तआला ने अपनी रहमत से महरूम (दूर) कर दिया है। यह महरूमी उनके अपने कर्मों का नतीजा है, क्योंकि उन्होंने ज़मीन में फसाद (बिगाड़) फैलाया और रिश्तों को तोड़ा। अल्लाह ने उनके कानों को इस क़दर बहरा कर दिया कि वे सत्य की आवाज़ सुनकर भी उसे क़बूल नहीं करते, और उनकी आँखों को अंधा कर दिया कि वे अल्लाह की निशानियों और हिदायत के रास्ते को देखकर भी उस पर अमल नहीं करते। यह अंधापन और बहरापन सिर्फ़ ज़ाहिरी नहीं, बल्कि दिल की आँखों और कानों का अंधापन है, जिससे वे हक़ को समझने और उसे अपनाने से वंचित हो गए।
यह आयत हमें चेतावनी देती है कि अल्लाह की नाफ़रमानी और उसके हुक्मों से मुँह मोड़ना इंसान को धीरे-धीरे ऐसे हालात में ले जाता है कि उसका दिल सत्य के लिए बंद हो जाता है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने दिलों को साफ़ रखें, अल्लाह के ज़िक्र से जोड़े रखें और उसकी नाफ़रमानी से बचें, ताकि हमारे दिल सत्य को सुनने और समझने की तौफ़ीक़ पाते रहें। याद रखें, अल्लाह की रहमत उन लोगों के लिए है जो उसकी तरफ़ रुजू करते हैं, तौबा करते हैं और अपने अमल को सुधारते हैं। अल्लाह तआला बड़ा मेहरबान और क्षमा करने वाला है, वह हर उस बंदे को क़बूल करता है जो सच्चे दिल से उसकी तरफ़ लौटता है।
📜 आयत 21-25 — सूरा मुहम्मद
अनुवाद — मुहम्मद 23
सूरा मुहम्मद आयत 23 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (गोया ख़ुद उसने) उन (के कानों) को बहरा और…सूरा आयत 23/38 — सूरा मुहम्मद محمد (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा मुहम्मद सुनें, सूरा मुहम्मद अनुवाद, सूरा मुहम्मद mp3, सूरा मुहम्मद pdf. आयत 21–25. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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