Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- سُنَّةَ اللَّهِ: अल्लाह की सुन्नत (रीति/क़ानून)।
- خَلَتْ: गुज़र चुकी है, पहले से जारी है।
- تَبْدِيلًا: बदलाव, परिवर्तन।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत अल्लाह तआला के उस अटल और अपरिवर्तनीय क़ानून को बयान करती है जो उसने अपनी सृष्टि में हमेशा से जारी रखा है। अल्लाह की सुन्नत यह रही है कि वह अपने ईमानवाले और सच्चे बंदों की मदद करता है, उन्हें विजय प्रदान करता है, और अपने दुश्मनों को अपमानित करके हार देता है। यह कोई नई बात नहीं है, बल्कि पिछली उम्मतों के साथ भी अल्लाह का यही व्यवहार रहा है। जो लोग सच्चाई पर डटे रहे और अल्लाह के दीन की मदद की, अल्लाह ने उन्हें कभी निराश नहीं किया, और जिन्होंने सत्य का विरोध किया, वे अंततः पस्त हुए।
अल्लाह तआला फरमाता है कि यह सुन्नत (रीति) कभी बदलती नहीं, और न ही इसमें कोई परिवर्तन आ सकता है। यानी यह क़ानून हर ज़माने और हर जगह लागू रहेगा। जिस तरह अल्लाह ने पहले के नबियों और उनके साथियों की मदद की और उन्हें फ़तह दी, उसी तरह वह इस उम्मत के सच्चे मोमिनों की भी मदद करेगा। यह अल्लाह का वादा है, और अल्लाह का वादा कभी टलता नहीं।
इस आयत में मोमिनों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी और दिलासा है। जब कोई मुसलमान इस आयत को पढ़ता है तो उसके दिल में यक़ीन पैदा होता है कि चाहे हालात कितने भी कठिन क्यों न हों, अल्लाह की मदद ज़रूर आएगी। शर्त यह है कि हम सच्चे ईमान, अच्छे आचरण और अल्लाह के दीन पर स्थिरता के साथ डटे रहें। यह आयत हमें सिखाती है कि हमें कभी निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि अल्लाह का क़ानून हमारे पक्ष में है। जो लोग अल्लाह पर भरोसा करते हैं और सब्र के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करते हैं, उनके लिए विजय निश्चित है।
यह भी याद रखें कि अल्लाह की सुन्नत में कोई बदलाव नहीं आता, इसलिए हमें अपने जीवन में भी इसी क़ानून के अनुसार चलना चाहिए — नेकी को अपनाना, बुराई से बचना, और अल्लाह के वादों पर पूरा भरोसा रखना। यही वह रास्ता है जो हमें दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी तक पहुँचाता है।
📜 आयत 21-25 — सूरा अल-फतह
अनुवाद — अल-फतह 23
सूरा अल-फतह आयत 23 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : यही ख़ुदा की आदत है जो पहले ही से चली…सूरा आयत 23/29 — सूरा अल-फतह الفتح (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-फतह सुनें, सूरा अल-फतह अनुवाद, सूरा अल-फतह mp3, सूरा अल-फतह pdf. आयत 21–25. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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