अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الأَرْضَ الْمُقَدَّسَةَ: पवित्र भूमि, जिसे पाक और बरकत वाली भूमि कहा गया है।
- كَتَبَ اللَّهُ لَكُمْ: अल्लाह ने तुम्हारे लिए लिख दिया है, यानी तक़दीर में और अपने वादे में तय कर दिया है।
- وَلَا تَرْتَدُّوا عَلَىٰ أَدْبَارِكُمْ: अपनी पीठ के बल न लौटो, यानी पीछे मत हटो और भागो मत।
- فَتَنقَلِبُوا خَاسِرِينَ: तो तुम घाटे में पड़ जाओगे, यानी दुनिया और आख़िरत दोनों में नुक़सान उठाओगे।
तफ़सीर (व्याख्या):
हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम बनी इसराइल को ख़िताब करते हुए कहा: "ऐ मेरी क़ौम! उस पवित्र भूमि में दाख़िल हो जाओ, जो अल्लाह ने तुम्हारे लिए मुक़र्रर की है — यानी बैतुल-मुक़द्दस (यरूशलम) और उसके आस-पास का इलाक़ा। यह वही ज़मीन है जो अल्लाह ने अपने फ़रमान और अपने वादे में तुम्हें दी है, और तुम्हें वहाँ के ज़ालिमों से जंग करके उसे अपने क़ब्ज़े में लेना है।"
फिर उन्होंने उन्हें सबसे ज़रूरी नसीहत दी: "और अपनी पीठ के बल न लौटना, यानी दुश्मन के डर से मैदान-ए-जंग से भागना मत। क्योंकि अगर तुम ऐसा करोगे, तो तुम घाटे में पड़ जाओगे — दुनिया में तुम्हारी ज़िल्लत होगी, और आख़िरत में अल्लाह की पकड़ और उसका अज़ाब तुम्हारा इंतज़ार कर रहा होगा। तुम दोनों जहान की भलाई से महरूम हो जाओगे।"
यह पुकार सिर्फ़ बनी इसराइल के लिए नहीं थी, बल्कि हर उस इंसान के लिए एक सबक़ है जो अल्लाह के वादे पर भरोसा करता है। अल्लाह ने अपने बंदों से वादा किया है कि अगर वे उसकी राह में सब्र और इस्तिक़ामत (स्थिरता) दिखाएँ, तो वह उन्हें ज़मीन में ख़िलाफ़त (अधिकार) अता करेगा। लेकिन शर्त यह है कि मुसीबतों और दुश्मनों के सामने पीठ न दिखाएँ, क्योंकि पीछे हटने वाला कभी कामयाब नहीं होता।
याद रखिए, अल्लाह का वादा सच्चा है, और उसकी मदद उन्हीं के साथ होती है जो उसके दीन पर जमे रहते हैं। जो लोग अल्लाह की राह में आगे बढ़ते हैं, अल्लाह उनके क़दमों को मज़बूत करता है और उन्हें फ़तह (विजय) अता करता है। और जो लोग डर के मारे पीछे हट जाते हैं, वे दुनिया में भी रुसवा होते हैं और आख़िरत में भी नाकाम। इसलिए हमें चाहिए कि अल्लाह के वादों पर पूरा यक़ीन रखें, उसकी राह में हिम्मत और सब्र से काम लें, और कभी भी हार न मानें — क्योंकि अल्लाह की मदद सब्र और इस्तिक़ामत के साथ है।
📜 आयत 19-23 — अल-माइदा
अनुवाद — अल-माइदा 21
सूरा अल-माइदा आयत 21 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ मेरी क़ौम (शाम) की उस मुक़द्दस ज़मीन में जाओ…सूरा आयत 21/120 — अल-माइदा المائدة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-माइदा सुनें, अल-माइदा अनुवाद, अल-माइदा mp3, अल-माइदा pdf. आयत 19–23. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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