Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- जब्बारीन (جبّارين): अत्यंत शक्तिशाली, बलवान और सरकश लोग, जो दूसरों पर अपनी इच्छा थोपते हैं। ये लोग 'अमालिक़ा' (अद के वंशज) कहलाते थे और अत्यंत विशालकाय व बलशाली थे।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम को अल्लाह का हुक्म सुनाया कि वे पवित्र भूमि (बैतुल-मुक़द्दस) में प्रवेश करें, जो अल्लाह ने उनके लिए निर्धारित की है, तो उनकी क़ौम ने डर और कायरता दिखाते हुए उत्तर दिया: "ऐ मूसा! वहाँ अत्यंत शक्तिशाली और सरकश लोग रहते हैं। वे इतने बलवान हैं कि हम उनसे युद्ध करने की सामर्थ्य नहीं रखते। हम उस भूमि में तब तक प्रवेश नहीं कर सकते जब तक वे वहाँ से निकल न जाएँ। यदि वे वहाँ से निकल जाएँ, तो हम अवश्य प्रवेश कर लेंगे।"
यह उत्तर उनके ईमान की कमज़ोरी और अल्लाह पर भरोसे की कमी को दर्शाता है। उन्होंने अल्लाह के वादे पर विश्वास नहीं किया और अपनी सीमित शक्ति को देखकर अल्लाह की मदद को भूल गए। उन्होंने यह नहीं सोचा कि अल्लाह ने जिस भूमि को उनके लिए निर्धारित किया है, वह उन्हें विजय भी दिलाएगा, बशर्ते वे सच्चे दिल से उस पर भरोसा करें और उसके आदेश का पालन करें।
यहाँ से हमें एक महत्वपूर्ण शिक्षा मिलती है कि जब अल्लाह किसी कार्य का आदेश देता है, तो हमें उस पर भरोसा करके आगे बढ़ना चाहिए, न कि अपनी कमज़ोरी और बाधाओं को देखकर पीछे हटना चाहिए। अल्लाह की मदद उन्हीं के साथ होती है जो उसके आदेशों का पालन करते हैं और उस पर पूर्ण विश्वास रखते हैं। यह क़ौम इसलिए विफल रही क्योंकि उसने अल्लाह के वादे की अपेक्षा अपने डर को अधिक महत्व दिया।
इस घटना से हमें यह भी सीख मिलती है कि मुसलमान को कठिनाइयों के समय घबराना नहीं चाहिए, बल्कि अल्लाह पर भरोसा करके साहस और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ना चाहिए। अल्लाह तआला क़ुरआन में फ़रमाता है: "और जो कोई अल्लाह पर भरोसा करेगा, वह (अल्लाह) उसके लिए काफ़ी है।" (सूरह तलाक़: 3) — यानी जो अल्लाह पर भरोसा करता है, अल्लाह उसके लिए पर्याप्त है।
📜 आयत 20-24 — सूरा अल-माइदा
अनुवाद — अल-माइदा 22
सूरा अल-माइदा आयत 22 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वह लोग कहने लगे कि ऐ मूसा इस मुल्क में…सूरा आयत 22/120 — सूरा अल-माइदा المائدة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-माइदा सुनें, सूरा अल-माइदा अनुवाद, सूरा अल-माइदा mp3, सूरा अल-माइदा pdf. आयत 20–24. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-माइदा
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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