अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- فَنَبَذْنَاهُمْ: हमने उन्हें फेंक दिया।
- الْيَمِّ: समुद्र (यहाँ अर्थ: समुद्र का पानी)।
- مُلِيمٌ: वह जो ऐसा कार्य करे जिस पर उसे दोष दिया जाए, अर्थात निन्दा के योग्य।
तफसीर:
अल्लाह तआला ने फ़िरऔन और उसके सैनिकों को पकड़ा और उन सबको समुद्र में फेंक दिया, यानी उन्हें समुद्र में डुबोकर हलाक कर दिया। यह अल्लाह की उस सज़ा का हिस्सा था जो उसने अपने नबी मूसा (अलैहिस्सलाम) को झुठलाने और अल्लाह की आयतों का इनकार करने पर उन्हें दी। फ़िरऔन अपने उस कृत्य के कारण निन्दा और मलामत का पात्र बना, क्योंकि उसने कुफ्र और ज़ुल्म का रास्ता अपनाया, अल्लाह के साथ कुफ्र किया और यहाँ तक दावा किया कि "मैं तुम्हारा सबसे बड़ा रब हूँ।" उसका यह घमंड और सरकशी आख़िरकार उसे समुद्र में डुबोकर हलाकत के गड्ढे में ले गई।
यह घटना हमारे लिए एक बड़ी सीख और नसीहत है कि अल्लाह की शक्ति के आगे कोई ताकतवर नहीं ठहर सकता। फ़िरऔन के पास विशाल सेना, धन-दौलत और ताकत थी, लेकिन जब अल्लाह का फैसला आया तो उसकी सारी ताकत उसके किसी काम न आई। यह हमें सिखाता है कि हमें अल्लाह के हुक्मों के आगे सर झुकाना चाहिए, उसकी नाफ़रमानी से बचना चाहिए और अपनी ताकत या दौलत पर घमंड नहीं करना चाहिए। अल्लाह उन लोगों को पसंद करता है जो विनम्र हों, उसकी इबादत करें और उसके रास्ते पर चलें। यह क़िस्सा हमें यह भी बताता है कि अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है, और वह ज़ालिमों को कभी नहीं छोड़ता। इसलिए हमें हमेशा अल्लाह से डरना चाहिए और उसकी रहमत की उम्मीद रखनी चाहिए, क्योंकि वही सबसे बड़ा मददगार और क्षमा करने वाला है।
📜 आयत 38-42 — अज़-ज़ारियात
अनुवाद — अज़-ज़ारियात 40
सूरा अज़-ज़ारियात आयत 40 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो हमने उसको और उसके लशकर को ले डाला फिर…सूरा आयत 40/60 — अज़-ज़ारियात الذاريات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ारियात सुनें, अज़-ज़ारियात अनुवाद, अज़-ज़ारियात mp3, अज़-ज़ारियात pdf. आयत 38–42. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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