अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- जन्नतुल मअ्वा: वह जन्नत जो मोमिनों और मुत्तक़ियों (परहेज़गारों) का ठिकाना है, जहाँ वे हमेशा के लिए रहेंगे।
तफ़सीर:
यह आयत उस महान घटना का वर्णन करती है जो नबी करीम ﷺ ने मेराज (आसमान की यात्रा) की रात देखी। जब आप ﷺ सिदरतुल मुन्तहा (बेरी के पेड़) के पास पहुँचे, जो सातवें आसमान में है, तो उसी के पास जन्नतुल मअ्वा है — यानी वह जन्नत जो मुत्तक़ियों के लिए तैयार की गई है, जहाँ वे दाखिल होंगे और हमेशा की नेमतों से लुत्फ़ उठाएँगे। यह बात बताई गई है कि इस जगह की अज़मत और बुलंदी को समझने के लिए यही काफी है कि अल्लाह की जन्नत उसी के पास है। यह उस मुक़ाम की ताज़ीम और शरफ़ बयान करता है, और यह भी बताता है कि नबी ﷺ ने अपनी आँखों से वह कुछ देखा जो अल्लाह की क़ुदरत की बड़ी निशानियों में से था।
यह आयत हमें यक़ीन दिलाती है कि जो लोग अल्लाह से डरते हैं और उसकी राह पर चलते हैं, उनके लिए आख़िरत में ऐसा ठिकाना है जो किसी आँख ने नहीं देखा, किसी कान ने नहीं सुना और किसी दिल ने नहीं सोचा। यही वह जन्नत है जिसकी तरफ़ हमें दौड़ना चाहिए — अपने अमलों को सही करके, अल्लाह की इबादत करके और उसके रसूल ﷺ की सुन्नत पर चलकर। यह हमारे लिए सबसे बड़ी ख़ुशख़बरी है कि हमारा रब हमें अपने घर (जन्नत) में बुला रहा है, बशर्ते हम उसकी तरफ़ दौड़ें और अपनी ज़िंदगी को उसकी रज़ा के मुताबिक़ बनाएँ।
📜 आयत 13-17 — अन-नज्म
अनुवाद — अन-नज्म 15
सूरा अन-नज्म आयत 15 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उसी के पास तो रहने की बेहिश्त हैसूरा आयत 15/62 — अन-नज्म النجم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नज्म सुनें, अन-नज्म अनुवाद, अन-नज्म mp3, अन-नज्म pdf. आयत 13–17. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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