अन-नज्म · 15/62
अनुवाद उच्चारण — सूरा अन-नज्म
عِندَهَا جَنَّةُ الْمَأْوَىٰ ۝١٥
Indahaa jannatul maawaa
📖 हिंदी अर्थ
उसी के पास तो रहने की बेहिश्त है

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • जन्नतुल मअ्वा: वह जन्नत जो मोमिनों और मुत्तक़ियों (परहेज़गारों) का ठिकाना है, जहाँ वे हमेशा के लिए रहेंगे।

तफ़सीर:

यह आयत उस महान घटना का वर्णन करती है जो नबी करीम ﷺ ने मेराज (आसमान की यात्रा) की रात देखी। जब आप ﷺ सिदरतुल मुन्तहा (बेरी के पेड़) के पास पहुँचे, जो सातवें आसमान में है, तो उसी के पास जन्नतुल मअ्वा है — यानी वह जन्नत जो मुत्तक़ियों के लिए तैयार की गई है, जहाँ वे दाखिल होंगे और हमेशा की नेमतों से लुत्फ़ उठाएँगे। यह बात बताई गई है कि इस जगह की अज़मत और बुलंदी को समझने के लिए यही काफी है कि अल्लाह की जन्नत उसी के पास है। यह उस मुक़ाम की ताज़ीम और शरफ़ बयान करता है, और यह भी बताता है कि नबी ﷺ ने अपनी आँखों से वह कुछ देखा जो अल्लाह की क़ुदरत की बड़ी निशानियों में से था।

यह आयत हमें यक़ीन दिलाती है कि जो लोग अल्लाह से डरते हैं और उसकी राह पर चलते हैं, उनके लिए आख़िरत में ऐसा ठिकाना है जो किसी आँख ने नहीं देखा, किसी कान ने नहीं सुना और किसी दिल ने नहीं सोचा। यही वह जन्नत है जिसकी तरफ़ हमें दौड़ना चाहिए — अपने अमलों को सही करके, अल्लाह की इबादत करके और उसके रसूल ﷺ की सुन्नत पर चलकर। यह हमारे लिए सबसे बड़ी ख़ुशख़बरी है कि हमारा रब हमें अपने घर (जन्नत) में बुला रहा है, बशर्ते हम उसकी तरफ़ दौड़ें और अपनी ज़िंदगी को उसकी रज़ा के मुताबिक़ बनाएँ।



📜 आयत 13-17 — सूरा अन-नज्म

13وَلَقَدْ رَآهُ نَزْلَةً أُخْرَىٰ
और उन्होने तो उस (जिबरील) को एक बार (शबे मेराज) और देखा है
14عِندَ سِدْرَةِ الْمُنتَهَىٰ
सिदरतुल मुनतहा के नज़दीक
15عِندَهَا جَنَّةُ الْمَأْوَىٰ
उसी के पास तो रहने की बेहिश्त है
16إِذْ يَغْشَى السِّدْرَةَ مَا يَغْشَىٰ
जब छा रहा था सिदरा पर जो छा रहा था
17مَا زَاغَ الْبَصَرُ وَمَا طَغَىٰ
(उस वक्त भी) उनकी ऑंख न तो और तरफ़ माएल हुई और न हद से आगे बढ़ी
अन-नज्मकुरान सूची
62आयत
मक्कीअवतरण स्थान
15आयत

अनुवाद — अन-नज्म 15

सूरा अन-नज्म आयत 15 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उसी के पास तो रहने की बेहिश्त है

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Friday, October 2, 2026

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