अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- सिदरतुल मुन्तहा: वह बड़ा बरगद या बेरी का पेड़ जो सातवें आसमान पर है। इसे 'मुन्तहा' (अंत) इसलिए कहा गया क्योंकि आसमान से ऊपर जाने वाले और ऊपर से नीचे आने वाले सब कुछ यहीं आकर रुकते हैं, और इसके पार कोई नहीं जा सकता।
तफसीर:
यह आयत हमें उस महान घटना की ओर ले जाती है जो मेराज (आसमान की यात्रा) की रात घटी। अल्लाह के नबी हज़रत मुहम्मद ﷺ ने जिब्रील अमीन को उनके असली रूप में देखा, और यह दूसरा अवसर था जब उन्होंने उन्हें उस पूर्ण रूप में देखा। यह दृश्य 'सिदरतुल मुन्तहा' के पास हुआ — वह पवित्र स्थान जो सातवें आसमान में है। यह वही स्थान है जहाँ से ऊपर की ओर जाने वाली चीज़ें और नीचे की ओर आने वाली चीज़ें रुकती हैं। इसी के पास 'जन्नतुल मावा' है, जो पवित्र लोगों से किया गया वादा है।
जब वह पवित्र रात आई, तो उस सिदरा (पेड़) को अल्लाह के आदेश से ऐसी चीज़ ने ढक लिया जिसका वर्णन कोई नहीं कर सकता — ऐसी रोशनी और ऐसी महिमा कि उसका अंदाज़ा लगाना मुश्किल है। उस वक़्त नबी ﷺ का दिल और आँखें पूरी तरह स्थिर थीं। उनकी नज़र न तो दाएँ भटकी और न बाएँ, और न ही उन्होंने उस चीज़ से आगे बढ़ने की कोशिश की जो उन्हें दिखाने का आदेश था। यह उनकी अद्भुत वफ़ादारी और अल्लाह के प्रति पूर्ण समर्पण का प्रमाण है।
इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि अल्लाह अपने प्यारे बंदों को अपनी कुदरत के ऐसे नज़ारे दिखाता है जो आम इंसान की समझ से परे हैं। यह हमारे लिए इमान की ताकत बढ़ाने का ज़रिया है कि जिस रसूल पर हम ईमान रखते हैं, उन्होंने वो कुछ देखा जो किसी और ने नहीं देखा। यह हमें याद दिलाता है कि अल्लाह की कुदरत की कोई सीमा नहीं, और उसके दीन की सच्चाई पर भरोसा करना ही हमारी कामयाबी है। जो लोग इस पर ईमान लाते हैं, उनके लिए उसी जन्नतुल मावा में जगह है, जहाँ हर दुख और थकान का अंत है, और सुकून और खुशी का ठिकाना है।
📜 आयत 12-16 — अन-नज्म
अनुवाद — अन-नज्म 14
सूरा अन-नज्म आयत 14 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : सिदरतुल मुनतहा के नज़दीकसूरा आयत 14/62 — अन-नज्म النجم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नज्म सुनें, अन-नज्म अनुवाद, अन-नज्म mp3, अन-नज्म pdf. आयत 12–16. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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