अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- فَغَشَّاهَا: और उस (बस्ती) को ढाँक लिया / छिपा लिया।
- مَا غَشَّى: जो कुछ (अज़ाब) उसे ढाँकने वाला था — यहाँ अज़ाब की भयावहता को छिपाकर रखा गया है, क्योंकि उसका वर्णन करना असम्भव है।
तफ़सीर:
इस आयत में अल्लाह तआला ने हज़रत लूत अलैहिस्सलाम की क़ौम की बस्तियों (सदूम और अमूरा) के विनाश का ज़िक्र किया है। जब अल्लाह का फ़रमान आया, तो उन बस्तियों को उठाकर आसमान की तरफ़ उठाया गया और फिर उल्टा करके ज़मीन पर पटक दिया गया। फिर अल्लाह ने उन पर ऐसा अज़ाब नाज़िल किया जिसने उन्हें पूरी तरह ढाँक लिया — पत्थरों की बारिश, जलती हुई मिट्टी और ऐसा यातना का सामान जिसका वर्णन करना मुश्किल है।
अल्लाह ने जानबूझकर यह नहीं बताया कि "क्या चीज़" उन पर नाज़िल हुई, ताकि उस अज़ाब की हैबत और भयावहता का अंदाज़ा लगाया जा सके। यह एक बहुत बड़ी नसीहत है कि जो क़ौमें अल्लाह के नबियों को झुठलाती हैं और बुराइयों में डूबी रहती हैं, उनका अंजाम क्या होता है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें अल्लाह के अज़ाब से डराती है और साथ ही उसकी रहमत की तरफ़ बुलाती है। अल्लाह ने जहाँ बुराई करने वालों को सज़ा दी, वहीं तौबा करने वालों के लिए अपनी रहमत के दरवाज़े खुले रखे हैं। हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी में अल्लाह के हुक्मों का पालन करें, नबियों की सीख को अपनाएँ और उन लोगों के अंजाम से सबक़ लें जिन्होंने अल्लाह की नाफ़रमानी की। याद रखें, अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है, लेकिन उसकी रहमत उसके अज़ाब से कहीं ज़्यादा वसीअ है। आइए, हम अपने गुनाहों से तौबा करें और अल्लाह की रहमत के साये में आएँ, क्योंकि वही सबसे बड़ा बचाने वाला और माफ़ करने वाला है।
📜 आयत 52-56 — अन-नज्म
अनुवाद — अन-नज्म 54
सूरा अन-नज्म आयत 54 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (फिर उन पर) जो छाया सो छायासूरा आयत 54/62 — अन-नज्म النجم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नज्म सुनें, अन-नज्म अनुवाद, अन-नज्म mp3, अन-नज्म pdf. आयत 52–56. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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