अन-नज्म · 54/62
अनुवाद उच्चारण — अन-नज्म
فَغَشَّاهَا مَا غَشَّىٰ ۝٥٤
Faghashshaahaa maa ghashshaa
📖 हिंदी अर्थ
(फिर उन पर) जो छाया सो छाया
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • فَغَشَّاهَا: और उस (बस्ती) को ढाँक लिया / छिपा लिया।
  • مَا غَشَّى: जो कुछ (अज़ाब) उसे ढाँकने वाला था — यहाँ अज़ाब की भयावहता को छिपाकर रखा गया है, क्योंकि उसका वर्णन करना असम्भव है।

तफ़सीर:

इस आयत में अल्लाह तआला ने हज़रत लूत अलैहिस्सलाम की क़ौम की बस्तियों (सदूम और अमूरा) के विनाश का ज़िक्र किया है। जब अल्लाह का फ़रमान आया, तो उन बस्तियों को उठाकर आसमान की तरफ़ उठाया गया और फिर उल्टा करके ज़मीन पर पटक दिया गया। फिर अल्लाह ने उन पर ऐसा अज़ाब नाज़िल किया जिसने उन्हें पूरी तरह ढाँक लिया — पत्थरों की बारिश, जलती हुई मिट्टी और ऐसा यातना का सामान जिसका वर्णन करना मुश्किल है।

अल्लाह ने जानबूझकर यह नहीं बताया कि "क्या चीज़" उन पर नाज़िल हुई, ताकि उस अज़ाब की हैबत और भयावहता का अंदाज़ा लगाया जा सके। यह एक बहुत बड़ी नसीहत है कि जो क़ौमें अल्लाह के नबियों को झुठलाती हैं और बुराइयों में डूबी रहती हैं, उनका अंजाम क्या होता है।

दावती पहलू:

यह आयत हमें अल्लाह के अज़ाब से डराती है और साथ ही उसकी रहमत की तरफ़ बुलाती है। अल्लाह ने जहाँ बुराई करने वालों को सज़ा दी, वहीं तौबा करने वालों के लिए अपनी रहमत के दरवाज़े खुले रखे हैं। हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी में अल्लाह के हुक्मों का पालन करें, नबियों की सीख को अपनाएँ और उन लोगों के अंजाम से सबक़ लें जिन्होंने अल्लाह की नाफ़रमानी की। याद रखें, अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है, लेकिन उसकी रहमत उसके अज़ाब से कहीं ज़्यादा वसीअ है। आइए, हम अपने गुनाहों से तौबा करें और अल्लाह की रहमत के साये में आएँ, क्योंकि वही सबसे बड़ा बचाने वाला और माफ़ करने वाला है।

🎧 सुनें

📜 आयत 52-56 — अन-नज्म

52وَقَوْمَ نُوحٍ مِّن قَبْلُ ۖ إِنَّهُمْ كَانُوا هُمْ أَظْلَمَ وَأَطْغَىٰ
और (उसके) पहले नूह की क़ौम को बेशक ये लोग बड़े ही ज़ालिम और बड़े ही सरकश थे
53وَالْمُؤْتَفِكَةَ أَهْوَىٰ
और उसी ने (क़ौमे लूत की) उलटी हुई बस्तियों को दे पटका
54فَغَشَّاهَا مَا غَشَّىٰ
(फिर उन पर) जो छाया सो छाया
55فَبِأَيِّ آلَاءِ رَبِّكَ تَتَمَارَىٰ
तो तू (ऐ इन्सान आख़िर) अपने परवरदिगार की कौन सी नेअमत पर शक़ किया करेगा
56هَٰذَا نَذِيرٌ مِّنَ النُّذُرِ الْأُولَىٰ
ये (मोहम्मद भी अगले डराने वाले पैग़म्बरों में से एक डरने वाला) पैग़म्बर है
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अनुवाद — अन-नज्म 54

सूरा अन-नज्म आयत 54 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (फिर उन पर) जो छाया सो छाया

सूरा आयत 54/62 — अन-नज्म النجم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नज्म सुनें, अन-नज्म अनुवाद, अन-नज्म mp3, अन-नज्म pdf. आयत 52–56. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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