अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- آلاء: अल्लाह की नेमतें और एहसान।
- تَتَمَارَى: संदेह करना, शक करना, झगड़ा करना।
व्याख्या:
हे इंसान! तुम अपने रब की उन अनगिनत नेमतों और एहसानों में से किस नेमत पर संदेह करते हो? अल्लाह ने तुम्हें देखने के लिए आँखें दीं, सुनने के लिए कान दिए, बोलने के लिए ज़ुबान दी, और सोचने-समझने के लिए दिमाग़ दिया। उसने तुम्हें धरती पर रहने की सुविधाएँ दीं, आसमान से पानी बरसाया, अन्न और फल उगाए, और तुम्हारी हर ज़रूरत का इंतज़ाम किया। ये सारी नेमतें उसकी वहदानियत (एकता) और कुदरत (शक्ति) की साफ़ गवाह हैं।
फिर भी तुम इन सबको देखकर भी अल्लाह की क़ुदरत पर शक करते हो? क्या तुम्हें यक़ीन नहीं कि जिसने ये सब बनाया, वही तुम्हें दोबारा ज़िंदा करके हिसाब लेने पर भी क़ादिर है? ये कैसी नादानी है कि इंसान अपने रब की इतनी बड़ी नेमतों को भूलकर उसके वादे पर संदेह करता है।
दावत और नसीहत:
ऐ इंसान! अपने रब की नेमतों को गिनना चाहे तो गिन नहीं सकता। हर साँस, हर धड़कन, हर पल में उसका एहसान छिपा है। जब तुम्हें कोई मुश्किल आती है, तो तुम सिर्फ़ उसी से मदद माँगते हो, और जब आराम मिलता है, तो उसे भूल जाते हो। ये नेमतें तुम्हें इसलिए दी गई हैं कि तुम उसकी इबादत करो, उसका शुक्र अदा करो और उसके बताए रास्ते पर चलो। शक और संदेह तुम्हें सिर्फ़ गुमराही की तरफ़ ले जाएगा। अल्लाह की नेमतों पर ध्यान दो, उसकी कुदरत के निशानों पर ग़ौर करो, और यक़ीन करो कि वही सब कुछ करने पर क़ादिर है। यक़ीन ही वह चीज़ है जो तुम्हें सुकून देगी और अल्लाह की रहमत के क़रीब ले जाएगी।
📜 आयत 53-57 — अन-नज्म
अनुवाद — अन-नज्म 55
सूरा अन-नज्म आयत 55 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो तू (ऐ इन्सान आख़िर) अपने परवरदिगार की कौन सी…सूरा आयत 55/62 — अन-नज्म النجم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नज्म सुनें, अन-नज्म अनुवाद, अन-नज्म mp3, अन-नज्म pdf. आयत 53–57. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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